"मदर्स डे पर बच्चों ने माँ के प्रति जताया अगाध प्रेम"
जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न): जी.एच.जी अकादमी, जगरांव में 'मदर्स डे' (मातृ दिवस) का पर्व किसी उत्सव से कम नहीं रहा। स्कूल परिसर में आयोजित एक भव्य और हृदयस्पर्शी समारोह के दौरान छात्रों ने अपनी माँ के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता के रंग बिखेरे। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें केवल छात्रों ने ही नहीं, बल्कि उनकी माताओं ने भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेकर इस दिन को यादगार बना दिया।
नन्हे बच्चों और माताओं की मस्ती: 'पेपर डांस' और 'टैलेंट शो' की धूम: समारोह की शुरुआत नन्हे-मुन्ने बच्चों (नर्सरी से दूसरी कक्षा) की माताओं के लिए आयोजित विशेष गतिविधियों से हुई। 'पेपर डांस' और 'कप स्नैचिंग' जैसे खेलों ने जहाँ सबका मनोरंजन किया, वहीं 'टैलेंट शो' में माताओं ने अपने हुनर और आत्मविश्वास से मंच पर चार चाँद लगा दिए। स्कूल की ओर से उनकी विशिष्ट प्रतिभाओं के लिए उन्हें पुरस्कृत भी किया गया।
रचनात्मकता के जरिए सम्मान: कार्ड, कोलाज और भावुक संदेश: विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अपनी भावनाओं को कला के माध्यम से व्यक्त किया: कक्षा 3 से 5: 'कार्ड मेकिंग' प्रतियोगिता में बच्चों ने रंगीन कागजों और खूबसूरत शब्दों से माँ के लिए अपनी भावनाएं उकेरीं।
कक्षा 6 से 8: 'कोलाज मेकिंग' के जरिए छात्रों ने माँ के निस्वार्थ प्रेम और बलिदान की तस्वीरों को एक फ्रेम में सजाया। कक्षा 9 से 12: बड़े छात्रों के लिए 'पत्र लेखन' प्रतियोगिता आयोजित की गई, जहाँ स्याही और कागज के मेल से भावुक और विचारपूर्ण संदेश लिखे गए, जिन्हें पढ़कर कई आँखें नम हो गईं।
मैनेजमेंट का
संदेश: "माँ का सम्मान ही सबसे बड़ा धर्म": स्कूल प्रबंधन के सदस्य गुरमेल सिंह मल्ही और प्रिंसिपल रमनजोत कौर ग्रेवाल ने बच्चों की इस रचनात्मक पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि माँ के त्याग और सहयोग का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता, इसलिए बच्चों को जीवन भर उनका सम्मान करना चाहिए।
"आज का यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उन जज्बातों का मेल था जो एक बच्चे और माँ के पवित्र रिश्ते को और गहरा बनाता है।"
पूरा स्कूल परिसर खुशियों और रचनात्मकता के माहौल में सराबोर रहा। इस समारोह ने न केवल बच्चों को अपनी भावनाएं व्यक्त करने का मंच दिया, बल्कि माताओं के लिए भी यह दिन एक अनमोल स्मृति बन गया।