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Dehradun: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री धामी ने पिथौरागढ़ में किया कैलाश उत्सव का शुभारंभ - Uturn Time
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"पिथौरागढ़ में सांस्कृतिक उत्सव की शुरुआत, कैलाश उत्सव-2026 का उद्घाटन सीएम धामी ने किया"
देहरादून: पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘कैलाश उत्सव-2026’ का शुभारंभ किया। इस उत्सव का उद्देश्य सीमांत क्षेत्र की संस्कृति, परंपराओं और पर्यटन को बढ़ावा देना है। क्या रहा खास? पारंपरिक लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया स्थानीय कलाकारों ने उत्तराखंडी लोकसंस्कृति की झलक पेश की क्षेत्रीय हस्तशिल्प और उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनपद के समग्र विकास हेतु कुल 16520.56 लाख लागत की 45 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “भारत माता की जय”, “हर-हर महादेव” तथा “गुरना मईया की जय” के उद्घोष के साथ की। Also Read - नकली सोने की ईंट बेचकर ठगी करने वाली मेवात गैंग के दो शातिर गिरफ्तार उन्होंने कहा कि ‘कैलाश उत्सव’ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और सीमांत क्षेत्र की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ के पावन धाम कैलाश के नाम से जुड़ा यह आयोजन संस्कृति, अध्यात्म और आधुनिक सोच का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विविधता के कारण देश-दुनिया में विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश व ओम पर्वत जैसे पवित्र स्थलों के कारण यहां धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, विद्युत एवं पर्यटन संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘वाइब्रेंट विलेज’ विजन के अनुरूप सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, डिजिटल कनेक्टिविटी तथा पर्यटन विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत एआई, मशीन लर्निंग और बिग डाटा जैसे आधुनिक विषयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में साइंस सिटी, एस्ट्रो पार्क तथा मॉडल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है। साथ ही महिला छात्रावास, आईटी लैब एवं परीक्षा भवनों के निर्माण पर भी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश का भी महत्वपूर्ण सीमांत जनपद है। सीमांत क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है तथा सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ में लगभग ₹750 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज भविष्य में पूरे सीमांत क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा केंद्र बनेगा। इससे जनपदवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा राज्य के मेडिकल छात्र-छात्राओं को उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा का अवसर प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के हित में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने सहित अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में संचालित सभी मदरसों को एक जुलाई से पूर्व उत्तराखंड शिक्षा विभाग के निर्धारित पाठ्यक्रम एवं मानकों को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समानता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले मदरसों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के हित में कई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में रोजगारपरक पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। परिसर में स्थित जर्जर भू-विज्ञान भवन का ध्वस्तीकरण कराया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुरूप नए शैक्षणिक भवन एवं ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा। साथ ही खेल मैदानों के विस्तारीकरण की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिन्होंने पारंपरिक लोक संस्कृति की मनमोहक झलक प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री ने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि लोक संस्कृति हमारी पहचान है और इसे संरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री, अध्यक्ष जिला पंचायत जितेंद्र प्रसाद, जिलाध्यक्ष भाजपा गिरीश जोशी, मेयर नगर निगम कल्पना देवलाल, जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, पूर्व छात्र संघ महासचिव गहराज पाण्डेय आदि मौजूद रहे।