"फॉरेस्ट जमीन पर फीस वसूली नियमों के खिलाफ, तुरंत बंद करवाई गई वसूली"
ज़ीरकपुर: ढकोली स्थित कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) में पार्किंग शुल्क को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। वीरवार को मामले ने नया मोड़ तब लिया जब वन विभाग की टीम ने अस्पताल के बाहर लगाए गए पार्किंग बोर्ड और शुल्क संबंधी पर्चियां हटवा दीं।
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि जिस जमीन पर पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा था, वह फॉरेस्ट विभाग के अधीन आती है और वहां किसी भी प्रकार की फीस वसूली नियमों के खिलाफ है। विभाग की कार्रवाई के बाद संबंधित स्थान पर पार्किंग शुल्क की वसूली तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई।
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से सीएचसी ढकोली के बाहर वाहन पार्क करने वाले लोगों से शुल्क लिया जा रहा था, जिससे मरीजों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही थी। शिकायतें मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
शुक्रवार को विभाग ने दोबारा निरीक्षण करते हुए अस्पताल प्रशासन को नोटिफिकेशन की कॉपी भी सौंपी। विभाग ने साफ किया कि फॉरेस्ट भूमि का व्यावसायिक उपयोग या वहां शुल्क लेना नियमों के विरुद्ध है।
हालांकि अस्पताल परिसर के अंदर बनी पार्किंग में शुल्क वसूली अभी भी जारी है। वर्तमान व्यवस्था के तहत दोपहिया वाहनों के लिए 10 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 20 रुपये फीस निर्धारित की गई है। अस्पताल प्रशासन केवल गेट के भीतर खड़े किए गए वाहनों से ही शुल्क ले रहा है।
इस मामले में सीएचसी ढकोली के एसएमओ डॉ. गगनदीप सिंह ने बताया कि वन विभाग का नोटिफिकेशन प्राप्त हो चुका है और अब अस्पताल प्रशासन कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है। फिलहाल अंदर की पार्किंग व्यवस्था यथावत रहेगी।
पार्किंग शुल्क को लेकर छिड़े इस विवाद के बाद मरीजों और उनके परिजनों के बीच चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ पहले ही परेशानी बढ़ा रहा था, वहीं अब विभागों के बीच विवाद सामने आने से मामला और अधिक गर्मा गया है।