लुधियाना/यूटर्न/1 जुलाई। जल्द पंजाब विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने जा रहा है। जिसके चलते राजनीतिक उथल पुथल शुरु हो चुकी है। पहली बार भारतीय जनता पार्टी पंजाब में अपनी सरकार बनाने के मुड़ में आ चुकी है। हालांकि भाजपा का शहरी क्षेत्र में वोट बैंक काफी मजबूत माना जाता है। पिछले लोकसभा, विधानसभा और कारपोरेशन चुनाव के नतीजों से ही इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इस बात से विपक्ष भी अच्छे से जानकार है। ऐसे में अब कई विपक्षी पार्टियों के लीडरों ने भी भाजपा की तरफ अपना रास्ता बनाना शुरु कर दिया है। चर्चाएं हैं कि विधानसभा चुनाव 2027 में लुधियाना की हल्का वेस्ट सीट से कांग्रेस पार्टी का एक लीडर भाजपा की टिकट से चुनाव लड़ सकता है। दरअसल, एक तरफ जहां भाजपा का शहरी वोट बैंक मजबूत है, वहीं हल्का वेस्ट में भी भाजपा के समर्थक सबसे ज्यादा है। जिसके चलते कुछ कांग्रेसी नेता इस हल्के से भाजपा की टिकट के चाहवान हैं। हालांकि हल्का वेस्ट में कांग्रेस यूथ की बात करें तो सनी भल्ला, पंकज शर्मा काका, महाराज सिंह राजी जैसे लीडर भी मौजूद है। लेकिन अब देखना होगा कि कौन सा लीडर कांग्रेसी खेमे से निकलकर भाजपा में शामिल होता है।
कांग्रेस के कई लीडर हो सकते हैं साइड
वहीं चर्चा है कि इस बार जहां भाजपा द्वारा यूथ पर फोक्स किया जा रहा है। वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी यूथ को आगे लाने का मन बना लिया है। पंजाब कांग्रेस में ज्यादातर लीडर सीनियर सिटीजन हो चुके हैं, जिनमें कइयों की उम्र 70 साल के करीब हो चुकी है। ऐसे में चर्चा है कि इस बार कांग्रेस पार्टी द्वारा सीनियर सिटीजन लीडर्स को साइडलाइन किया जाएगा, जबकि यूथ व नए चेहरों को आगे आने का मौका दिया जाएगा। हालांकि 50 साल की उम्र वाले लीडर भी मौका अजमाना चाहते हैं, क्योंकि यह मौका भी उनके लिए आखिरी है। दूसरी तरफ युवा मौका चाहते हैं। अब देखना होगा कि पार्टियां किसे मौका देती है।
कांग्रेस के कई युवा चेहरे हो सकते हैं दावेदार
वहीं चर्चा है कि कांग्रेस पार्टी के युवा चेहरों में सनी भल्ला, पंकज शर्मा काला और महाराज सिंह राजी शामिल है। इन तीनों लीडरों द्वारा लगातार 2 से 3 बार निगम चुनावों में जीत हासिल की है। इनका अच्छा जनाधार माना जाता है। तीनों नेता वेस्ट हल्के से ही संबंधित है। ऐसे में चर्चाएं हैं कि इन लीडरों को पार्टी मौका दे सकती है।
कांग्रेस ने मौका न दिया तो भाजपा से हो सकते हैं उम्मीदवार
चर्चा है कि अगर कांग्रेस द्वारा अपने लीडरों को अनदेखा किया जाता है तो वे भाजपा से उम्मीदवार हो सकते हैं। बात करें सनी भल्ला की तो वे दो महीने पहले ही विधानसभा चुनाव लड़ने की ईशा जता चुके हैं, हालांकि उन्होंने हल्के को लेकर टिप्पणी नहीं की। वहीं, पंकज शर्मा काका साफ छवि और अच्छा जनाधार वाले नेता माने जाते हैं। आप सरकार में विपक्षी होने के बावजूद वे जनता के काम बिना रुके करवाते हैं। ऐसे में अगर इन लीडरों को पार्टी अनदेखा करेगी, तो दूसरी पार्टी का दामन थामना तो स्भाविक है।
हल्के के कांग्रेसी मुखी भी दावेदार
वहीं चर्चा है कि हल्का वेस्ट से कांग्रेस पार्टी के मुखी को लेकर भी कई तरह की अटकलें चल रही है। चर्चा है कि अगर पार्टी द्वारा उन्हें नजरअंदाज किया जाता है तो वे भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं। हालांकि हर लीडर सेफ व सिक्योर लाइन चाहता है। ऐसे में हल्का वेस्ट में भाजपा से चुनाव लड़ना सबसे ज्यादा सिक्योर माना जा रहा है।
विधानसभा चुनाव संबंधी कांग्रेस ने की नियुक्तियां
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने नई नियुक्तियां की है। जिसमें सांसद चरणजीत चन्नी को चुनाव कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया है। इलेक्शन मैनेजमेंट एंड को-ऑर्डिनेशन कमेटी का चेयरपर्सन विजय इंदर सिंगला, कोर कमेटी चेयरपर्सन सुखजिंदर सिंह रंधावा और मेनिफेस्टो कमेटी चेयरपर्सन डॉ. अमर सिंह होंगे। 3 नए वर्किंग प्रेसिडेंट में सुखविंदर सिंह डैनी, राज कुमार वेरका और पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां होंगे। कैंपेन कमेटी में 3 को-चेयरपर्सन होंगे। इसमें विधायक सुखपाल खैहरा, विधायक राणा गुरजीत सिंह और सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी को शामिल है। इलेक्शन मैनेजमेंट एंड को-ऑर्डिनेशन कमेटी में 3 को-चेयरपर्सन पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, पूर्व विधायक कुलजीत सिंह नागरा, अंगद सिंह सैनी और पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को इलेक्शन मैनेजमेंट एंड को-ऑर्डिनेशन कमेटी का को-चेयरपर्सन लगाया है। मेनिफेस्टो कमेटी का को-चेयरपर्सन सांसद गुरजीत सिंह औजला, विधायक परगट सिंह, हरदयाल सिंह कंबोज और पूर्व मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया को लगाया।
लिस्ट से बाहर हुए वर्कर खुद को कांग्रेसी न समझें
केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने एक्स अकाउंट से एक पोस्ट डाली है। जिसमें लिखा है कि जिस कांग्रेसी नेता का नाम इस लिस्ट में भी नहीं आया, वह अब अपने आप को कांग्रेसी ही न समझे। जिन्हें नई जिम्मेदारियाँ मिली हैं, उन्हें बधाई। बिट्टू की इस पोस्ट ने हलचल पैदा कर दी है।