ऑनलाइन पोर्टल लांच, बच्चे खरीद सकेगें सस्ती किताबें
पंजाब/यूटर्न/1 जुलाई। पंजाब के स्टूडेंट्स और पेरेंट्स हर साल नई बुक्स को लेकर प्राइवेट बुक सेलर्स की लूट का शिकार होते थे। लेकिन अब पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड द्वारा इस पर रोक लगाने की तैयारी कर ली गई है। बोर्ड के कई आदेशों के बावजूद ओवरचार्जिंग बंद न होने पर अब बोर्ड द्वारा खुद ही किताबें सेल करने का जिम्मा उठा लिया गया है। इसके लिए पीएसईबी ने पुस्तक पोर्टल नाम से अपना खुद का ई-कॉमर्स पोर्टल लॉन्च कर दिया है। ऐसा करने वाला पंजाब, देश का पहला शिक्षा बोर्ड बन गया है। इस फैसले से राज्य के 12 लाख से अधिक स्टूडेंट्स को सीधा फायदा मिलेगा और उनके करीब 2.15 करोड़ रुपए सालाना बचेंगे। पीएसईबी के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि अब छात्र, माता-पिता और स्कूल सीधे इस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किताबें ऑर्डर कर सकते हैं।
प्रिंट रेट से फ्लैट छूट मिलेगी
पोर्टल से ऑर्डर करने पर किताबों के प्रिंट रेट पर फ्लैट 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी। अब प्राइवेट बुक सेलर्स स्टूडेंट्स से ज्यादा पैसे नहीं वसूल पाएंगे। स्कूल सिर्फ किताबें बांटने में मदद करेंगे, वे बोर्ड तय रेट से 1 रुपए भी ज्यादा नहीं ले सकते। बोर्ड ने पंजाबी, अंग्रेजी और हिंदी मीडियम की 361 टेक्स्टबुक टाइटल्स की करीब 2.25 करोड़ किताबें प्रिंट की हैं।
डिलीवरी के लिए 2 विकल्प होंगे
स्टूडेंट्स तक किताबें आसानी से पहुंचाने के लिए बोर्ड ने दो खास इंतजाम किए हैं। पूरे पंजाब में 97 डिलीवरी/पिक-अप सेंटर बनाए गए हैं। अगर आप इन सेंटर्स पर जाकर खुद किताबें लेते हैं, तो कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा। इसके अलावा पीएसईबी के जिला कार्यालयों से सीधे वॉक-इन करके भी 15 प्रतिशत डिस्काउंट पर किताबें ली जा सकती हैं। अगर आप किताबें घर पर मंगवाना चाहते हैं, तो पीएसईबी ने भारतीय डाक के साथ हाथ मिलाया है। इसके तहत “Gyan Post Scheme” शुरू की गई है। 5 किलो तक के पार्सल पर डिलीवरी चार्ज 20 रुपए से 100 रुपए तक होंगे।
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