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पंजाब कांग्रेस में बदलाव की बयार, चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज
चंडीगढ़ (Narendra Singh Dnau) : पंजाब कांग्रेस की 2027 चुनावी तैयारियों को लेकर यह घटनाक्रम काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी हाईकमान संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी, नेतृत्व विवाद और सामाजिक समीकरणों को समय रहते संभालना चाहता है। प्रमुख चेहरे जैसे Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi और Bhupesh Baghel खुद लगातार बैठकें कर रहे हैं, जिससे साफ है कि पंजाब को लेकर रणनीति गंभीर स्तर पर बन रही है। प्रदेश नेतृत्व पर भी नजरें टिकी हैं। मौजूदा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष Amarinder Singh Raja Warring के प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर स्थानीय निकाय चुनावों के बाद। वहीं Charanjit Singh Channi का कद दोबारा मजबूत होता दिख रहा है। चमकौर साहिब में बेहतर प्रदर्शन ने उनकी दावेदारी को बल दिया है। साथ ही Sukhjinder Singh Randhawa और Vijender Singla जैसे नाम भी प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में चर्चा में हैं। पंजाब कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा समीकरण जट्ट सिख और दलित सिख वोट बैंक के बीच संतुलन बनाना है। राज्य में अनुसूचित जाति की आबादी सबसे ज्यादा होने के कारण दलित नेतृत्व को नजरअंदाज करना पार्टी के लिए राजनीतिक जोखिम हो सकता है। अब सबकी नजर Ajay Maken की अगुवाई वाली ऑब्जर्वर कमेटी की रिपोर्ट पर है। यही रिपोर्ट तय करेगी कि कांग्रेस 2027 में नए चेहरे के साथ मैदान में उतरेगी या मौजूदा नेतृत्व पर ही भरोसा करेगी। फिलहाल संकेत यही हैं कि पंजाब कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।