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नई सरकार के बाद व्यापार स्थिर होने की उम्मीद, चुनौतियाँ बरकरार
ढाका/नई दिल्ली 17 Feb । Bangladesh में नई सरकार के गठन के बाद भारत-बांग्लादेश व्यापार संबंधों में स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है, हालांकि राजनीतिक और रणनीतिक स्तर पर कुछ चुनौतियाँ अब भी बनी हुई हैं। हाल ही में Tarique Rahman ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है और उनकी पार्टी Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने द्विपक्षीय संबंधों को संतुलित और व्यावहारिक बनाए रखने के संकेत दिए हैं। भारत की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नई सरकार को बधाई देते हुए सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर मिलकर काम करने की इच्छा जताई है। इससे संकेत मिलता है कि दोनों देश व्यापारिक अड़चनों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास कर सकते हैं। पिछले कुछ समय से सीमाई व्यापार, आयात-निर्यात प्रतिबंधों और लॉजिस्टिक बाधाओं के कारण द्विपक्षीय व्यापार प्रभावित हुआ था। कपास, यार्न, रेडीमेड वस्त्र और कृषि उत्पादों जैसे क्षेत्रों में अस्थिरता देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नई सरकार व्यापारिक नीतियों में पारदर्शिता और स्थिरता लाती है तो निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और व्यापार संतुलन बेहतर हो सकेगा। हालांकि, क्षेत्रीय भू-राजनीतिक समीकरण और रणनीतिक निर्णय भी अहम भूमिका निभाएंगे। India और बांग्लादेश के बीच सहयोग का सीधा प्रभाव सीमावर्ती राज्यों, विशेषकर Punjab के कृषि और वस्त्र उद्योग पर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, नई सरकार के साथ व्यापारिक संबंधों में सुधार की संभावना मजबूत है, लेकिन दीर्घकालिक स्थिरता के लिए सतत संवाद और संतुलित नीतिगत निर्णय आवश्यक होंगे।