ज़ीरकपुर 17 Feb : गांव छत में कब्रिस्तान के नजदीक बोरवेल लगाने को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को उस समय नया मोड़ ले गया, जब नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची और जमीन की पैमाइश की। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है।
मौके पर डीएम पंकज चौधरी और इंफोर्समेंट विंग के इंस्पेक्टर अशोक कुमार अपनी टीम सहित पहुंचे। अधिकारियों ने फीतों के माध्यम से जमीन की नाप-जोख की और संबंधित पक्षों से बातचीत की।
मुस्लिम भाईचारे के प्रतिनिधियों ने टीम के समक्ष कोर्ट से संबंधित दस्तावेज पेश करते हुए दावा किया कि जिस स्थान पर बोरवेल लगाया जा रहा है, वह उनकी निजी जमीन है और कथित विवादित भूमि से अलग है। समुदाय के सदस्यों का कहना है कि प्रशासन के सामने की गई पैमाइश से यह स्पष्ट हुआ है कि जमीन कब्रिस्तान की सीमा में ही आती है, लेकिन उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि पानी की समस्या का समाधान करना है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में लंबे समय से पानी की किल्लत बनी हुई है। पहले लगाया गया हैंडपंप सूख चुका है, जिससे लोगों को दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए समुदाय ने आपसी सहयोग से चंदा इकट्ठा कर समरसेबल बोर करवाने का निर्णय लिया था।
मुस्लिम भाईचारे ने प्रशासन के समक्ष स्पष्ट कहा कि यदि वे किसी भी रूप में दोषी पाए जाते हैं तो नगर परिषद जो भी कानूनी कार्रवाई उचित समझे, वह स्वीकार होगी। वहीं, यदि उनका दावा सही पाया जाता है और शिकायत निराधार साबित होती है, तो शिकायतकर्ताओं के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
समुदाय का आरोप है कि पहले बिना लिखित नोटिस के काम रुकवाया गया और बाद में पुलिस को शिकायत भेज दी गई।
इस मौके पर रमजान मोहम्मद, गुलाम बरी, फैसल खान, मेहर दिन, फजलदीन, अनीश मोहम्मद और सलमान खान सहित मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कोट
“संबंधित अधिकारियों द्वारा जमीन की पैमाइश कर दी गई है। मौके पर गए अधिकारियों की रिपोर्ट देखने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
— परविंदर सिंह भट्टी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद जीरकपुर