भारी शोर-शराबे और विपक्ष के विरोध के बीच संसद के मानसून सत्र का गुरुवार को समापन हो गया। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया, जिसके चलते सदन को करीब 11:05 बजे ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा। सत्र के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह भी संसद पहुंचे, जहां शाह लंबे अंतराल बाद नजर आए।
नई दिल्ली (Naren Danu) : संसद का मानसून सत्र गुरुवार को शोर-शराबे और राजनीतिक टकराव के बीच समाप्त हो गया। सत्र के अंतिम दिन लोकसभा और राज्यसभा, दोनों की कार्यवाही निर्धारित समय से पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा में कामकाज कुछ ही देर चल सका, जबकि राज्यसभा में महत्वपूर्ण विधेयक पारित होने के बाद सदन को स्थगित कर दिया गया।
लोकसभा में सुबह कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल लगातार गर्माता रहा और अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही करीब 11:05 बजे ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करनी पड़ी। इसके साथ ही लोकसभा का मानसून सत्र औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।
सत्र के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी संसद पहुंचे। अमित शाह 20 जुलाई के बाद पहली बार सदन में दिखाई दिए। हालांकि, विपक्ष के हंगामे के कारण अंतिम दिन भी सदन में अपेक्षित कामकाज नहीं हो सका।
उधर, राज्यसभा में सत्र के अंतिम दिन ‘खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ पारित किया गया। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण कार्यक्रम का मुद्दा उठाया। इस पर सदन में राजनीतिक माहौल गरमा गया और कुछ ही देर बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
इस तरह मानसून सत्र का समापन विधायी कामकाज से अधिक राजनीतिक गतिरोध और हंगामे की तस्वीर छोड़ गया।