ddos for hiredstatdstat l4링크모음스포츠중계주소야주소킹링크모음주소야주소모음주소콘여기여bulk Ahrefs DR checker주소킹여기여주소모음아이러브밤여기여주소모음링크모음dstatip stressercasibomcasibomcasibomcasibomcasibom girişjojobetcasibommatbet güncel girişmatbet güncel girişmatbet girişmatbetmatbetmatbet girişmatbetjojobet 8228holiganbet 7669grandpashabet 8247casibomHacklink Satın AlHacklink Satin alcasibomjojobet
Mumbai: जेन-जी को बताया ईमानदार और जागरूक पीढ़ी, भागवत ने शिक्षा सुधार व लोकतांत्रिक आंदोलनों पर रखी राय - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Derabassi: बचपन में दांतों की देखभाल का पाठ, सैदपुरा स्कूल में बच्चों को मिला स्वास्थ्य का उपहार Derabassi: डेराबस्सी अस्पताल में सिविल सर्जन का औचक निरीक्षण, दवाओं से लेकर सफाई व्यवस्था तक परखी हकीकत Amritsar: मतदाता सूची में बड़ा अपडेट, अमृतसर में बढ़े 106 नए पोलिंग स्टेशन; 13 अगस्त को जारी होगी प्रारंभिक सूची Amritsar: कोर्ट केस से राहत का सुनहरा मौका, 12 सितंबर की लोक अदालत में समझौते से निपटेंगे मामले Amritsar: आपके आसपास है कोई अनमोल प्रतिभा तो करें नामांकन, पद्म पुरस्कारों के लिए 15 अगस्त तक मौका Amritsar: रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड तक पुलिस का पहरा, अमृतसर में संदिग्धों की तलाश में चला CASO ऑपरेशन Amritsar: रेलवे की सख्ती का असर: 34 हजार से ज्यादा यात्री पकड़े, टिकट नियम तोड़ने वालों से वसूले ₹2.71 करोड़ Hoshiarpur: कुलदीप सिंह ने जाते-जाते कर दिया महादान, नेत्रदान से किसी की दुनिया होगी रोशन New Delhi: हुनर, परंपरा और विरासत का सम्मान, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर देशभर के कारीगरों को मिला सलाम Guwahati: ऊपरी असम में जल प्रलय से बढ़ी मुश्किलें, राहत-बचाव तेज; प्रभावित परिवारों को सरकार दे रही आर्थिक मदद Bhopal: ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों का जमावड़ा आज भोपाल में, ‘अमृतस्य मध्य प्रदेश’ से दिखेगी भारत की सांस्कृतिक विरासत New Delhi: ‘परोपकार ही सज्जनों का स्वभाव’, प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर दिया संस्कृत श्लोक का संदेश
Logo
Uturn Time
मोहन भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी तर्क और संवाद को महत्व देती है। उन्होंने शिक्षा को कारोबार नहीं बल्कि समाज निर्माण का माध्यम बताया और जीडीपी का 6 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करने की मांग को उचित ठहराया। एलजीबीटीक्यू+ समुदाय को समाज का हिस्सा बताते हुए उन्होंने सामाजिक और कानूनी ढांचे में संतुलित सुधार की आवश्यकता पर भी अपने विचार रखे।
मुंबई : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में युवा पीढ़ी को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज की जेनरेशन-जी (जेन-जी) सवाल पूछती है, बदलाव की इच्छा रखती है और उसकी बातों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन की पूरी सच्चाई का दावा करना आसान नहीं होता, लेकिन नई पीढ़ी की सोच और ईमानदारी पर उन्हें पूरा भरोसा है। मुंबई में आयोजित आईआईएमयूएन (इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट यूनाइटेड नेशंस) के कार्यक्रम में संस्थापक ऋषभ शाह के साथ संवाद के दौरान भागवत ने कहा कि किसी आंदोलन के पीछे की वास्तविक वजहों को समझने के लिए उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही राय बनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि किसी घटना में पूरी सच्चाई क्या है, लेकिन अगर जेन-जी पर भरोसा करने की बात हो तो वह इस पीढ़ी पर विश्वास करेंगे। “आंदोलन लोकतांत्रिक संवाद का माध्यम” भागवत ने कहा कि आंदोलन लोकतंत्र का हिस्सा हैं। जब लोगों की बात नहीं सुनी जाती तो विरोध और प्रदर्शन सामने आते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन संविधान और लोकतांत्रिक सीमाओं के भीतर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी में लोग अक्सर बड़ों की बात बिना सवाल किए स्वीकार कर लेते थे, लेकिन आज की जेन-जी और जेन-अल्फा हर विषय पर सवाल करती है और तर्क चाहती है। उन्होंने कहा कि युवाओं की यह आदत समाज में बदलाव और सुधार की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभा सकती है। डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान ने परिवर्तन के लिए लोकतांत्रिक रास्ते उपलब्ध कराए हैं और व्यवस्था में सुधार के लिए वैधानिक तरीके से आंदोलन किए जा सकते हैं। शिक्षा को बताया समाज निर्माण का आधार शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए आरएसएस प्रमुख ने कहा कि शिक्षा कोई व्यावसायिक कारोबार नहीं, बल्कि समाज की मूल जरूरत है। इसका उद्देश्य केवल रोजगार या धन अर्जन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का निर्माण करना होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का छह प्रतिशत खर्च करने की मांग को उचित बताते हुए कहा कि इस दिशा में लंबे समय से चर्चा होती रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं हो सकती, समाज को भी इसमें सक्रिय भूमिका निभानी होगी। एलजीबीटी समुदाय पर भी रखी राय एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के मुद्दे पर भागवत ने कहा कि यह समुदाय भी समाज का हिस्सा है और उनके प्रति संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समलैंगिक विवाह जैसे विषयों पर सामाजिक और कानूनी ढांचे में उचित संतुलन के साथ विचार किया जाना चाहिए। भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी को केवल निर्देश देने के बजाय उसके साथ संवाद और अपनापन जरूरी है। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा पहले की पीढ़ियों की तुलना में अधिक जागरूक और ईमानदार हैं, इसलिए उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना समाज की जिम्मेदारी है।