अमृतसर में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण ने संबंधित विभागों के साथ बैठक की। सीजेएम अमरदीप सिंह बैंस ने बैंकों, पुलिस और राजस्व विभाग सहित सभी संस्थानों से अधिक मामले लोक अदालत में लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से होने वाला निपटारा समय और धन बचाता है तथा नियमानुसार कोर्ट फीस की वापसी का भी प्रावधान है।
अमृतसर (उप्पल) : जिला अमृतसर की अदालतों में 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, अमृतसर के सचिव-सह-सीजेएम अमरदीप सिंह बैंस ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी सहमति और समझौते के आधार पर शीघ्र निपटारा करना है। इसमें एनआई एक्ट की धारा 138, बैंक रिकवरी, श्रम विवाद, बिजली-पानी बिल, नगर निगम व नगर परिषद, सीवरेज, जलापूर्ति, हाउस टैक्स, दीवानी मामले, कम गंभीर आपराधिक मामले, वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावे और बीमा संबंधी मामलों का निपटारा किया जाएगा।
अमरदीप सिंह बैंस ने बैंकों, राजस्व विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों से अधिक से अधिक मामले लोक अदालत में लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में हुआ फैसला अंतिम होता है और इससे समय व धन दोनों की बचत होती है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मामला निपटने पर नियमानुसार जमा कोर्ट फीस भी वापस की जाती है। नागरिक संबंधित अदालत या जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण कार्यालय में आवेदन कर इसका लाभ ले सकते हैं।