अध्यक्ष रविंद्र शर्मा और उपाध्यक्ष रोहित शर्मा बोले—बार समुदाय पूरी तरह एकजुट, नालसा और हाईकोर्ट की समिति से ठोस फैसले तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार और संघर्ष रहेगा जारी
फगवाड़ा शिव कौड़ा) : नि:शुल्क कानूनी सहायता से संबंधित लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एल.ए.डी.सी.) नीति में सुधार की मांग को लेकर बार एसोसिएशन फगवाड़ा द्वारा 7 जुलाई से शुरू की गई हड़ताल आज 14वें दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण कोर्ट परिसर में दैनिक कामकाज प्रभावित रहा तथा अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यवाही से दूर रहकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान बार एसोसिएशन फगवाड़ा के अध्यक्ष एडवोकेट रविंद्र शर्मा (नीटा) तथा उपाध्यक्ष एडवोकेट रोहित शर्मा ने कहा कि एल.ए.डी.सी. नीति अधिवक्ता समुदाय के हितों के विरुद्ध है और इससे पारंपरिक वकालत व्यवस्था प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि इस नीति को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए अथवा आवश्यक सुधार किये जायें। उन्होंने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा की बार एसोसिएशनों के संयुक्त निर्णय के अनुसार फगवाड़ा बार भी पूरी एकजुटता के साथ संघर्ष कर रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (नालसा) तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा न्यायमूर्ति विनोद भारद्वाज की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय न्यायाधीशों की समिति ने मंगलवार शाम तक कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया, तो पंजाब एवं हरियाणा की बार एसोसिएशनों की सहमति से आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान उपाध्यक्ष एडवोकेट रोहित शर्मा ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से संघर्ष जारी है, लेकिन हर बार नीति में संशोधन का दिया गया आश्वासन टूटता रहा है।
इसी कारण एक बार फिर पूरा अधिवक्ता समुदाय संघर्ष की राह पर उतरने को मजबूर हुआ है। सभी अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट हैं और एल.ए.डी.सी. नीति में आवश्यक संशोधन होने तक उनका संघर्ष इसी प्रकार जारी रहेगा। इस अवसर पर एडवोकेट संजीव अग्निहोत्री, एडवोकेट हरप्रीत कौर, एडवोकेट सुखविंदर सिंह, एडवोकेट इंद्रजीत सिंह, एडवोकेट संजीव दुसांझ, एडवोकेट विशाल कौल, एडवोकेट राजीव शर्मा, एडवोकेट कुलदीप कुमार, एडवोकेट लखविंदर सिंह, एडवोकेट रिम्पी गिल, एडवोकेट रीना रानी, एडवोकेट जर्नैल सिंह ढींडसा, एडवोकेट जतिंदर ठाकुर, एडवोकेट जोगिंदर सिंह कैंथ, एडवोकेट रेनू कुमारी, एडवोकेट धनदीप कौर सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।