जंतर-मंतर पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की निंदा करते हुए आप नेताओं ने नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई, छात्रों की मांगों पर चर्चा और आंदोलनकारियों के साथ न्याय की पैरवी की।
नई दिल्ली (Naren Danu) : जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से नहीं दबाया जा सकता। पार्टी नेताओं ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों की मांगों पर संवाद शुरू करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सोमवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी, गुजरात प्रदेश प्रभारी गोपाल राय, विधायक संजीव झा और राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनुराग ढांडा मौजूद रहे। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि देशभर से जंतर-मंतर पहुंचे छात्रों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है। वहीं संजय सिंह ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 23 दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज किया गया, जो लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
आतिशी ने कहा कि छात्र केवल पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार संवाद के बजाय बल प्रयोग कर रही है। गोपाल राय ने आरोप लगाया कि छात्रों के समर्थन में अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को भी जंतर-मंतर से हटाया गया। उन्होंने प्रदर्शनकारी अभिजीत दीपके की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और कथित लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की आवाज को इसी तरह दबाया गया तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।