दो सप्ताह में जिंदल स्टील ओमान रवाना होंगे चयनित युवा, जर्मनी के लिए 61 युवाओं ने बी-1 परीक्षा उत्तीर्ण की, इनमें 17 युवतियां शामिल।
थानेसर (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी) : अंतर्राष्ट्रीय युवा कौशल दिवस के अवसर पर नवीन जिंदल फाउंडेशन द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले इंटरनेशनल स्किल सेंटर, बहलोलपुर में विशेष रोजगार एवं साक्षात्कार सत्र आयोजित किया गया। सांसद कार्यालय की ओर से आवेश सिंह ने बताया कि सांसद नवीन जिंदल की पहल पर आयोजित इस अभियान में जिंदल स्टील ओमान सहित विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों ने युवाओं के साक्षात्कार लिए।
नवीन जिन्दल फाउंडेशन से डॉ. मनीष मिश्रा और कर्नल अरुण चंदेल ने बताया कि जिंदल स्टील ओमान के लिए लगभग 220 युवाओं के इंटरव्यू हुए, जिनमें से 30 युवाओं का चयन सुनिश्चित हो चुका है, जबकि स्क्रीनिंग प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा अन्य घरेलू कंपनियों ने करीब 450 युवाओं के साक्षात्कार लेकर लगभग 250 युवाओं का चयन किया है। जिंदल स्टील ओमान के लिए चयनित युवाओं की सभी औपचारिकताएं अगले दो सप्ताह में पूरी कर उन्हें रोजगार के लिए रवाना किया जाएगा।
डॉ. मनीष मिश्रा ने कहा कि सांसद नवीन जिंदल का संकल्प है कि कोई भी युवा बेरोजगार न रहे। उन्होंने युवाओं से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर ही विदेश जाने का आह्वान करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर कुशल युवाओं की सबसे अधिक मांग है।
कर्नल अरुण चंदेल ने बताया कि इंटरव्यू में अमृतसर, गुजरात सहित विभिन्न राज्यों के युवा भी पहुंचे, लेकिन कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के प्रशिक्षित युवाओं को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि जिंदल स्टील ओमान ही नहीं, बल्कि अन्य अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में भी कुशल युवाओं की लगातार मांग बढ़ रही है।
केआईएससी के अभिषेक सहगल ने बताया कि चयनित युवाओं के लिए प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन ट्रेनिंग (PDOT) आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित देश के कानून, संस्कृति, रहन-सहन और कार्यस्थल से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जर्मनी में रोजगार के लिए 86 में से 61 युवाओं ने बी-1 स्तर की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है, जिनमें 17 युवतियां शामिल हैं। वर्ष के अंत तक इन्हें जर्मनी भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। प्रारंभिक चरण में इन युवाओं को एक लाख रुपये से अधिक मासिक मानदेय मिलेगा, जो स्थायी नियुक्ति के बाद तीन लाख रुपये प्रतिमाह से अधिक हो सकता है। जापान, फिनलैंड सहित कई देशों के साथ भी कौशल आधारित रोजगार के अवसरों पर कार्य किया जा रहा है।