राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में होंगे मुख्य अतिथि, भारतीय प्रवासी समुदाय से भी की मुलाकात
विक्टोरिया (Narendra Singh Danu) : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर शनिवार को सेशेल्स पहुंच गए। सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री का राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने हवाई अड्डे पर विशेष स्वागत किया।
यात्रा के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान का दौरा किया और संयुक्त पौधरोपण कार्यक्रम में भाग लिया। दोनों नेताओं ने ‘कोको डी मेर’ का पौधा लगाया, जो सेशेल्स की विशिष्ट पहचान और देश के राजचिह्न का हिस्सा माना जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और सेशेल्स पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण के साझा संकल्प से जुड़े हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने एल्डाब्रा विशालकाय कछुओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि यह प्रजाति दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे लंबे जीवनकाल वाली प्रजातियों में शामिल है, जिनमें कुछ कछुए 200 वर्षों से अधिक समय तक जीवित रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 2014 में ऐसे कछुए कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर को उपहार स्वरूप दिए गए थे, जबकि बाद में कुछ कछुए हैदराबाद चिड़ियाघर को भी भेंट किए गए थे।
हवाई अड्डे से राष्ट्रपति हर्मिनी और प्रधानमंत्री मोदी एक ही वाहन में राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान पहुंचे। उद्यान भ्रमण के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और पर्यावरणीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स में अपने स्वागत के दौरान प्रस्तुत किए गए कच्छ के पारंपरिक नृत्य का उल्लेख करते हुए प्रवासी भारतीय समुदाय की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने विदेश में भी भारत की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखा है और दोनों देशों के बीच मजबूत सेतु का कार्य कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने भारतीय मूल के लोगों और प्रवासी भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की और भारत-सेशेल्स संबंधों को सुदृढ़ बनाने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री 27 से 29 जून तक सेशेल्स में रहेंगे। इस दौरान वे राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेंगे तथा समुद्री सुरक्षा, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण और हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करने जैसे विषयों पर द्विपक्षीय वार्ताएं करेंगे।