ड्राइवर होंगे सहकारी संस्था के भागीदार, शोषणमुक्त और किफायती परिवहन व्यवस्था बनाने का दावा
गांधीनगर (Narendra Singh Danu) : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री तथा गांधीनगर से सांसद अमित शाह ने शनिवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में सहकारी मॉडल पर आधारित 'भारत टैक्सी' सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यात्रियों और वाहन चालकों के हितों की रक्षा करना है तथा अगले दो वर्षों में इस सेवा का विस्तार देश के 500 शहरों और गांवों तक किया जाएगा। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर वडोदरा, अहमदाबाद, राजकोट और सूरत हवाई अड्डों सहित कई सरकारी संस्थानों के साथ विभिन्न समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी सहकारी मॉडल पर आधारित देश की एक नई परिवहन व्यवस्था है, जिसमें चालक केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि सहकारी संस्था के भागीदार और मालिक भी होंगे। उन्होंने कहा कि इस मॉडल के तहत दोपहिया और चारपहिया दोनों प्रकार की परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि निजी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं में अत्यधिक कमीशन, नए ड्राइवरों का पंजीकरण बंद करने और भुगतान में देरी जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए भारत टैक्सी की शुरुआत की गई है। इस मॉडल में चालक को 'सारथी' कहा जाएगा, जिसे सेवा देने के साथ-साथ संस्था में स्वामित्व का अधिकार भी मिलेगा।
अमित शाह ने बताया कि भारत टैक्सी के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं—सारथियों और यात्रियों का शोषण रोकना, चालकों को सम्मान और स्वामित्व प्रदान करना तथा सुरक्षित, पारदर्शी और समृद्ध परिवहन व्यवस्था विकसित करना। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में सात लाख से अधिक सारथी इस सहकारी संस्था से जुड़ चुके हैं और 37 लाख से अधिक लोग इस सेवा का लाभ उठा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के किराए को लेकर कुछ लोगों द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि इसके किराए प्रतिस्पर्धी हैं। उनका दावा था कि इस सेवा की शुरुआत के बाद निजी टैक्सी कंपनियों ने भी अपने किरायों में कमी करनी शुरू कर दी है। भविष्य में सारथियों को ऋण, बीमा और व्यवसाय विस्तार जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि सहकारिता गुजरात की पहचान रही है और भारत टैक्सी केवल एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि सहकारी मॉडल के कारण गुजरात में यह सेवा अत्यंत सफल होगी और इससे चालक केवल निश्चित आय तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि लाभ में भी भागीदार बनेंगे।
उल्लेखनीय है कि अमित शाह 27 और 28 जून को अपने दो दिवसीय गांधीनगर संसदीय क्षेत्र के दौरे पर हैं। इस दौरान वे कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के साथ-साथ संगठन एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकों में भी भाग लेंगे।