ddos for hiredstatdstat l4주소모음스포츠중계토토사이트여기여주소모음스포츠중계토토사이트여기여여기여bulk Ahrefs DR checker스포츠중계뉴토끼토토사이트누누티비블랙툰정복걸주소모음ipstresserip stresser
Chandigarh: पंजाब की 5 हजार अवैध कॉलोनियां होंगी नियमित, नई नीति से हजारों परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
सावन में श्री गणेश की पालकी यात्रा से भक्तिमय हुआ माहौल : रविनंदन शर्मा/नरिंदर मक्क्ड़ क्षत्रिय समाज का इतिहास व संस्कार युवा पीढ़ी तक पंहुचाना हमारा दायित्व - डिंपल राणा भाजपा की नीट परीक्षा शुरू, धर्मेंद्र प्रधान ने अमित शाह से की मुलाकात पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग आज, जनहित मुद्दों को मिलेगी प्राथमिकता Kurukshetra: हैंडमेड प्रोडक्ट को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकता है सहकारिता: सुभाष सुधा Panipat: रोजगार विभाग द्वारा व्यवसायिक मार्गदर्शन हेतु कैरियर वार्ता का आयोजन Kurukshetra: नीट में उत्कृष्ट सफलता पर पनव अग्रवाल व रियान गुप्ता को मिला नीट गौरव–2026 अवार्ड  Panipat: जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के समर्थन में किया पुतला दहन Kurukshetra: एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत तेलंगाना से आए छात्र-शिक्षकों का कुरुक्षेत्र में भव्य स्वागत मेयर ने हैबोवाल में किया औचक निरीक्षण, गौरव बग्गा के साथ किया पौधारोपण Panipat: अत्री परिवार के दुख की घड़ी में पहुंचीं कुमारी शैलजा, शोक संतप्त परिजनों को दी सांत्वना Panipat: अत्री परिवार के दुख की घड़ी में पहुंचीं कुमारी शैलजा, शोक संतप्त परिजनों को दी सांत्वना
Logo
Uturn Time
लुधियाना में सबसे ज्यादा करीब 2 हजार अनधिकृत कॉलोनियां, डेवलपर और आरडब्ल्यूए 30 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन
चंडीगढ़ (Naren Danu) : पंजाब सरकार राज्यभर में फैली करीब 5,000 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की तैयारी में है। पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन (पीएपीआर) नियमों में संशोधन के बाद सरकार जल्द ही नई नियमितीकरण नीति अधिसूचित कर सकती है। इस कदम से वर्षों से कानूनी पहचान का इंतजार कर रहे लाखों लोगों को अपनी संपत्तियों का मालिकाना हक और जरूरी मंजूरियां मिलने का रास्ता साफ होगा। नई नीति के तहत कॉलोनियों के डेवलपर और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) 30 सितंबर तक नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि पिछली योजनाओं में दस्तावेजों या अन्य कमियों के कारण लाभ से वंचित रह गई कॉलोनियों को भी इस बार राहत दी जाए। पहले 7 हजार कॉलोनियों की हुई थी पहचान सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य में पहले करीब 7,000 अवैध कॉलोनियों की पहचान की गई थी। इनमें से लगभग 2,000 कॉलोनियां पुरानी नीतियों के तहत नियमित हो चुकी हैं, जबकि बड़ी संख्या में आवेदन जमीन के रिकॉर्ड, स्वामित्व दस्तावेज, नक्शे और अन्य औपचारिकताओं की कमी के कारण खारिज हो गए थे। नई नीति में प्रक्रिया को आसान बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक कॉलोनियां नियमितीकरण के दायरे में आ सकें। लुधियाना में सबसे ज्यादा अनधिकृत कॉलोनियां अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में पंजाब में करीब 5,000 अनधिकृत कॉलोनियां मौजूद हैं। इनमें से बड़ी संख्या नगर निगम क्षेत्रों के बाहर स्थित है। अकेले लुधियाना जिले में लगभग 2,000 अवैध कॉलोनियां होने का अनुमान है, जो राज्य में सबसे अधिक हैं। इससे पहले वर्ष 2013, 2016 और 2018 में भी कॉलोनियों को नियमित करने की योजनाएं लागू की गई थीं, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए थे। 25 प्रतिशत विकसित कॉलोनियां भी होंगी पात्र नई नीति के अनुसार, ऐसी कॉलोनियां जो कम से कम 25 प्रतिशत विकसित हो चुकी हैं, नियमितीकरण के लिए पात्र होंगी। मास्टर प्लान में कृषि क्षेत्र के रूप में दर्ज जमीन पर बनी कॉलोनियों को भी राहत देने का प्रावधान रखा गया है। हालांकि जीएमएडीए क्षेत्र की कॉलोनियों पर अलग नियम लागू होंगे। जिन कॉलोनियों के आवेदन पहले किसी कारण से रद्द हो चुके हैं, वे भी दोबारा आवेदन कर सकेंगी। सड़क और प्लॉट के लिए तय किए गए मानक नीति में कॉलोनी के लिए न्यूनतम 20 फुट चौड़ी सड़क और 50 से 239.2 वर्ग गज तक के प्लॉट का प्रावधान रखा गया है। आवेदन मिलने के 30 दिन के भीतर अस्थायी नियमितीकरण प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था होगी। निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद प्लॉट मालिक नियमितीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद संपत्ति का पंजीकरण और भवन निर्माण से जुड़ी आवश्यक मंजूरियां लेना आसान हो जाएगा। डेवलपर को भी मिलेगा मौका सरकार ने डेवलपर और प्रमोटरों के लिए भी नियमों में राहत दी है। तीन जुलाई को पंजाब मंत्रिमंडल ने पीएपीआर नियमों के नियम-31 में संशोधन को मंजूरी दी थी। इसके तहत अनधिकृत कॉलोनी विकसित करने वाले प्रमोटर अभियोजन शुरू होने के बाद भी कंपाउंडिंग के लिए आवेदन कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि नई नीति लागू होने से हजारों परिवारों की संपत्तियों को कानूनी दर्जा मिलेगा और लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता खत्म होगी।