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लुधियाना में लोगों पर रोहब झाड़ने को PSO रखने का नेताओं में बढ़ा क्रेज, इललीगल वर्दी पहना हथियार थमा घूमाते हैं साथ - Uturn Time
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कई युवाओं ने कारों पर इललीगल लगवा डाली पुलिस की नीली-लाल लाइटें लुधियाना/यूटर्न/13 जुलाई। लुधियाना के नेताओं में लोगों पर दबदबा बनाए रखने और खुद की डैश दिखाने के लिए क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। यह क्रेज इतना हावी होता जा रहा है कि अब नेताओं और नेताओं के करीबियों ने सरेआम नियमों का उल्लंघन करना शुरु कर दिया है। लेकिन फिर भी पंजाब सरकार और प्रशासन द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा। जिले के कई नेताओं और उनके करीबियों द्वारा अपने साथ प्राइवेट पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) तैनात कर रखे हैं। जिन्हें इललीगल तरीके से पंजाब पुलिस के कमांडो की वर्दी पहनाई जाती है। यहीं नहीं उन्हें हथियार भी दे रखे हैं, जिन्हें वे सरेआम हवा में लहराते हुए घूमते हैं। इनमें ज्यादातर नेता वो हैं, जिन्हें कोई गंभीर थ्रेट होने का मामला सामने नहीं आया है। लेकिन फिर भी पीएसओ रख उन्हें पुलिस की वर्दी पहनाकर हथियार थमा सरेआम घूमकर लोगों में दबदबा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यहां तक कि कइयों ने तो कारों पर पंजाब पुलिस की लाल-नीली बत्ती भी लखा रखी है। लुधियाना के पंजाब यूथ कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी और पूर्व ग्रामीण प्रधान सर्वोत्तम सिंह लक्की संधू, कांग्रेस के हल्का साउथ इंचार्ज ईश्वरजोत सिंह चीमा और भाजपा नेता व कारोबारी गुरवीर गरचा द्वारा नियम तोड़ने की वीडियोज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इन लोगों द्वारा जमकर सोशल मीडिया पर अपनी सिक्योरिटी के साथ घूमते हुए वीडियोज अपलोड की जाती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन पर क्या एक्शन लेता है। पीएसओ को पहना रखी है कमांडो की वर्दी, दिए वेपन कांग्रेस नेता लक्की संधू और ईश्वरजोत सिंह चीमा की और से अपने साथ पीएसओ रखे हुए हैं। वे उनके प्राइवेट सुरक्षा कर्मी है। लेकिन उन्हें पंजाब पुलिस के कमांडो की यूनिफॉर्म पहना रखी है। नियमों के मुताबिक यह यूनिफॉर्म आम व्यक्ति नहीं पहन सकता। यहीं नहीं उन्हें बड़े-बड़े हथियार भी थमाए हुए हैं। लेकिन एडवोकेट मुताबिक कोई भी व्यक्ति अपने साथ मौके पर मौजूद पीएसओ को हथियार दे सकता हैं। लेकिन पीएसओ उसे गले में डालकर या हाथ में पकड़कर लहराते हुए नहीं रख सकता। उसे छिपाकर रखना होगा, लेकिन यहां सरेआम बड़े-बड़े वेपन हाथों में पकड़कर लहराए जाते हैं। पुलिस लाइन के नजदीक ही मिल रही वर्दियां वहीं पुलिस लाइन के नजदीक कई दुकानें खुली हुई है, जहां से पंजाब पुलिस की वर्दी से लेकर हर सामान मिलता है। चर्चा है कि इन नेताओं द्वारा अपने पीएसओ को वहीं से वर्दियां दिलाई जाती है। जबकि नियमों के मुताबिक बिना आईडी कार्ड और सरकारी मुलाजिम के कोई बाहरी व्यक्ति वर्दी नहीं ले सकता। लेकिन यहां पर सरेआम दुकानदार भी नियम तोड़ रहे हैं। बिना पुलिस जांच के पीएसओ नहीं रखा जा सकता एडवोकेट अरुण खुरमी मुताबिक पीएसओ कोई भी व्यक्ति सीधे नहीं रख सकता। वे पहले इस संबंधी पुलिस को जानकारी देता है। संबंधित जिले की पुलिस पहले एसआईटी बनाकर जांच करती है कि व्यक्ति के सच में थ्रेट या कोई खतरा है कि नहीं। फिर वे रिपोर्ट उच्च अफसरों के पास जाती है। उसमें बकायदा कितने मुलाजिम रखे जा सकते हैं, वे भी बताया जाता है। अफसर जांच करके या तो पंजाब पुलिस के मुलाजिम देगें या पंजाब सरकार के पास रजिस्टर्ड लाइसेंसी सुरक्षा एजेंसियों को पीएसओ देने के लिए परमिशन लेटर देगें। फिर एजेंसी द्वारा उनके पास रजिस्टर्ड पीएसओ आगे भेजे जाते हैं। लेकिन जो लीडर पीएसओ लेकर घूमते हैं, उन्हें आज तक कोई गंभीर थ्रेट जैसी बात सामने नहीं आई। कार पर ही लगा डाली नीली-लाल बत्ती यहीं नहीं भाजपा नेताओं के करीबी मानें जाते भाजपा वर्कर गुरवीर सिंह गरचा द्वारा तो अपनी कार पर पंजाब पुलिस की नीली-लाल बत्ती तक लगवा रखी गई है। बेशक कुछ महीने पहले उन पर हमला हुआ था। लेकिन हमले के बाद सुरक्षा मिलना तो ठीक है, लेकिन कार पर नीली-लाल बत्ती लगाकर घूमना, कहां तक सही है, यह तो प्रशासनिक अधिकारी ही बता सकते हैं। वीआईपी और अफसरों की सुरक्षा में खतरे की आशंका वहीं चर्चा है कि इन प्राइवेट पीएसओ की और से सरकारी कमांडो की तरह वर्दी पहनकर वेपन कैरी किया जाता है। जिससे इन्हें पहचानना मुश्किल होता है। ऐसे में अगर किसी वीआईपी और अफसरों की सुरक्षा में ऐसे पीएसओ घुस जाए, तो उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। जिसके चलते प्रशासन को इस संबंधी गंभीर एक्शन लेने की जरुरत है। ब्लैकमेलिंग व मारपीट के है केस दर्ज वर्ष 2023 में थाना मॉडल टाउन पुलिस ने लड़की जसनीत कौर द्वारा कारोबारियों को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में लक्की संधू को भी नामजद कर गिरफ्तार किया। जेल में बंद लक्की बीमारी का बहाना बनाकर चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज की परमिशन ली थी। लेकिन वह पीजीआई की जगह रायकोट में एक शादी समारोह में भांगड़ा डालता दिखा। इस लापरवाही पर पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरी। वहीं कारोबारी गुरबीर सिंह गरचा के साथ साउथ सिटी रोड पर मारपीट करने के आरोप में थाना सराभा नगर की पुलिस ने सर्वोत्तम सिंह उर्फ लक्की संधू, राजविंदर मांगट, आकाश भट्ठल, अनमोल सिंह पर पर्चा दर्ज किया है। पुलिस ने जांच के दौरान लक्की संधू को गिरफ्तार कर लिया है। प्राइवेट पीएसओ नहीं पहन सकते वर्दी, हथियार पकड़ना भी गैरकानूनी सीनियर एडवोकेट अरूण खुरमी के अनुसार पुलिस विभाग द्वारा परमिशन देने और व्यक्ति को खतरा होने के हालातों में ही पीएसओ रखा जा सकता है। परमिशन मिलने पर भी प्राइवेट पीएसओ कभी भी पंजाब पुलिस की कमांडो वर्दी नहीं पहन सकता। जिस व्यक्ति को पीएसओ मिला है, अगर वे साथ है तो ही पीएसओ उसका वेपन कैरी कर सकता है। लेकिन भारतीय कानून मुताबिक उसे छिपाकर रखना जरुरी है। अगर व्यक्ति मौके पर नहीं है तो वेपन कैरी करने का भी पीएसओ पर पर्चा दर्ज हो सकता है। अपनी मर्जी से पीएसओ नहीं रखे जा सकते। डीजीपी के सख्त आदेश हैं कि बिना आईडी प्रूफ के वर्दी नहीं दी जा सकती, फिर वर्दियां कैसे बेची जा रही है। ---