एफबीआई का दावा - दोनों ने कनाडा में निज्जर की हत्या कराई
पंजाब/यूटर्न/8 जुलाई। कनाडा में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर अमेरिका ने पहली बार चार्जशीट दाखिल की है। इसमें दावा है कि हत्या का आदेश भारतीय जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और फरार चल रहे गोल्डी बराड़ ने दिया था। अमेरिकी सरकार के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई भारतीय जेल में रहते हुए भी अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क चला रहा था। वह जेल में तस्करी से पहुंचाए गए मोबाइल फोन और इंटरनेट कॉलिंग डिवाइस के जरिए हत्या, रंगदारी, अपहरण, ड्रग्स और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों का निर्देश देता था। अमेरिका लॉरेंस समेत कई भारतीय अपराधियों के नेटवर्क पर कार्रवाई करने के लिए ऑपरेशन हार्ड बॉल चला रहा है। इसी के तहत 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 37 लोगों के खिलाफ अमेरिकी फेडरल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। रिपोर्ट में भारतीय जेल में बंद जग्गू भगवानपुरिया, सुखराज सिंह कंग समेत कई नाम हैं। अमेरिकी एजेंसियां 10 फरार आरोपियों की तलाश कर रही हैं। इसके साथ ही गोल्डी बराड़ पर 50 लाख का इनाम रखा है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक अमेरिका इनमें से भारतीय जेल में बंद सभी अपराधियों के प्रत्यर्पण की मांग कर सकता है।
आरोप सिर्फ अपराधियों पर, सरकार का जिक्र नहीं
पूरे अमेरिकी आरोप पत्र और प्रेस रिलीज में भारत सरकार, रॉ, एनआईए या किसी भारतीय सरकारी अधिकारी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। आरोप केवल कथित आपराधिक गिरोहों और उनके सदस्यों पर हैं। अमेरिका, कनाडा और यूरोप ने संयुक्त अभियान ऑपरेशन हार्ड बॉल चलाकर भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोहों पर कार्रवाई की। इसमें 37 लोगों पर आरोप लगाए गए और 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
बिश्नोई पर जेल से गैंग चलाने का आरोप
अमेरिकी आरोपपत्र के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में रहते हुए मोबाइल और इंटरनेट कॉलिंग डिवाइस के जरिए हत्या, रंगदारी, अपहरण, ड्रग्स और मानव तस्करी जैसे अपराधों का संचालन करता था। अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप है कि 18 जून 2023 को कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, गिरोह वॉट्सऐप और अन्य एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए धमकी देकर रंगदारी वसूलता था। साथ ही ड्रग्स तस्करी और प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से कोकीन लूटकर अपना नेटवर्क चलाता था।
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