आप विधायक कुलदीप धालीवाल ने उठाए वाहन खराब होने के मुद्दे, केंद्र की इथेनॉल नीति पर साधा निशाना
अजनाला (Narendra Singh Danu) : आम आदमी पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता, विधायक एवं पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने सोमवार को अजनाला क्षेत्र में पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक सुखजिंदर सिंह, तौल एवं माप निरीक्षक गगनदीप सिंह और विभागीय अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही।
निरीक्षण के दौरान पेट्रोल में मिलाए जा रहे इथेनॉल की मात्रा की जांच के लिए मौके से पेट्रोल के नमूने लिए गए। अधिकारियों की टीम ने विभिन्न पेट्रोल पंपों से सैंपल एकत्र कर जांच प्रक्रिया शुरू की।
वाहन मालिकों की शिकायतों का हवाला
कुलदीप धालीवाल ने कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से पेट्रोल वाहनों में तकनीकी खराबियों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि कई वाहन मालिकों ने इंजन और अन्य पुर्जों को नुकसान पहुंचने की शिकायत की है, जिसके बाद यह विशेष जांच अभियान चलाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिक इथेनॉल मिश्रण के कारण वाहन मालिकों को हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। धालीवाल ने इसके लिए केंद्र सरकार की इथेनॉल नीति को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले लिए जाने चाहिए।
केंद्र सरकार की नीति पर उठाए सवाल
आप विधायक ने कहा कि भारत की तुलना विदेशों से करना सही नहीं है, क्योंकि वहां वाहनों की तकनीक और सड़क व्यवस्था अलग है। उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन हैं जिनकी तकनीकी संरचना अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधन के लिए तैयार नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आम लोगों, खासकर मध्यम वर्ग, छोटे कारोबारियों और कर्मचारियों को राहत देने के बजाय पेट्रोलियम कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
पेट्रोल-डीजल और गैस कीमतें घटाने की मांग
कुलदीप धालीवाल ने केंद्र सरकार से मांग की कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट को देखते हुए पेट्रोल, डीजल, घरेलू रसोई गैस और वाणिज्यिक गैस की कीमतों में कमी की जाए। उन्होंने कहा कि महंगाई से जूझ रहे लोगों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की गुणवत्ता और इसके प्रभावों को लेकर विस्तृत जांच जरूरी है, ताकि वाहन चालकों के हितों की रक्षा की जा सके।