विजिलेंस ने 10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ दबोचा, संपत्ति कब्जे की कार्रवाई टालने के नाम पर मांगे थे 60 हजार
लुधियाना (Narendra Singh Danu) : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लुधियाना की सेवियर रिकवरी एजेंसी में तैनात रिकवरी एजेंट रवनीत सिंह को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने खुद को तहसील पूर्वी, लुधियाना का कर्मचारी बताकर एक फैक्ट्री मालिक से रिश्वत मांगी थी।
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कबीर नगर, बस्ती जोधेवाल निवासी व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता वर्ष 2007 से अपने घर की पहली मंजिल पर "जीएनडब्ल्यू" नाम से कपड़ा फैक्ट्री चला रहा है। फैक्ट्री के लिए उसने आईडीबीआई बैंक से 40 लाख रुपये की कैश क्रेडिट सीमा/ऋण सुविधा ली थी, जिसका मामला भुगतान न होने के कारण चंडीगढ़ स्थित ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) में विचाराधीन है।
संपत्ति कब्जे का डर दिखाकर मांगी रिश्वत
शिकायत के अनुसार, 25 मई 2026 को रवनीत सिंह ने फैक्ट्री मालिक से संपर्क किया और खुद को तहसील पूर्वी का कर्मचारी बताते हुए एक नोटिस दिखाया। उसने दावा किया कि आईडीबीआई बैंक 28 मई को संपत्ति पर कब्जा लेने वाला है।
आरोप है कि रवनीत सिंह ने कब्जे की कार्रवाई टालने और ऋण निपटारे के लिए तीन महीने की मोहलत दिलाने के नाम पर 60 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी पहले ही निपटारे की सुविधा दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपये ले चुका था और अब दूसरी किस्त के रूप में 10 हजार रुपये मांग रहा था।
रिकॉर्डिंग के आधार पर हुई कार्रवाई
शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की बातचीत रिकॉर्ड कर ली और अवैध भुगतान से इनकार करते हुए विजिलेंस ब्यूरो रेंज लुधियाना से संपर्क किया। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में ट्रैप लगाया और रवनीत सिंह को 10 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी तहसील पूर्वी, लुधियाना का कर्मचारी नहीं था, बल्कि वह सेवियर रिकवरी एजेंसी में रिकवरी एजेंट के रूप में काम करता था। विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि यदि इस मामले में आईडीबीआई बैंक या तहसील पूर्वी के किसी अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो थाना लुधियाना में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।