वित्त मंत्री हरपाल चीमा की अध्यक्षता वाली कैबिनेट उप-समिति ने शिक्षकों और मेडिकल प्रैक्टिशनर्स संग की बैठक, वेतन, नियमितीकरण और प्रशिक्षण मुद्दों पर चर्चा
चंडीगढ़ (Narendra Singh Danu) : पंजाब सरकार ने विभिन्न कर्मचारी एसोसिएशनों और यूनियनों की मांगों के समाधान की दिशा में पहल तेज कर दी है। वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता वाली कैबिनेट उप-समिति ने सोमवार को कई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठकों के दौरान यूनियनों की ओर से सौंपे गए ज्ञापनों की समीक्षा की गई और कर्मचारियों से जुड़े पेशेवर व वित्तीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। वित्त मंत्री ने अधिकारियों को संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने के निर्देश दिए।
शिक्षक यूनियनों की मांगों पर हुई चर्चा
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें 3704 अध्यापक यूनियन, ईटीटी 2364 अध्यापक यूनियन, ईटीटी टेट पास अध्यापक यूनियन (जय सिंह वाला) और 10 वर्ष सेवा पूरी कर चुके कच्चे अध्यापक यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में शिक्षकों ने वेतन निर्धारण, तबादलों और नियमितीकरण से जुड़े मुद्दे उठाए। वित्त मंत्री ने इन मांगों का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मेडिकल प्रैक्टिशनर्स की मांगों पर भी मंथन
इसके अलावा वित्त मंत्री ने मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन पंजाब के प्रतिनिधिमंडल के साथ भी बैठक की। एसोसिएशन ने राज्य में मेडिकल प्रैक्टिशनर्स की भूमिका और उनकी सेवाओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
बैठक में मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की मांग पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने ग्रामीण और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के योगदान की सराहना करते हुए प्रशिक्षण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर कदम उठाने की बात कही।
बैठक में 3704 अध्यापक यूनियन की ओर से हरजिंदर सिंह, यादविंदर सिंह और जीवनजोत सिंह, ईटीटी 2364 अध्यापक यूनियन की ओर से समरजीत सिंह, गुरदीप सिंह और जुगराज सिंह, ईटीटी टेट पास अध्यापक यूनियन की ओर से कमल ठाकुर, सोहन सिंह और गुरमुख सिंह तथा मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन की ओर से डॉ. रमेश बाली, डॉ. मघर सिंह माशल और डॉ. अंग्रेज सिंह सेमा मौजूद रहे।