अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए पंजाब के वकील, न्यायिक कामकाज ठप
वकीलों की हड़ताल से अदालतों में पसरा सन्नाटा, लोग परेशान
वकीलों की हड़ताल से अदालतों में पसरा सन्नाटा, लोग परेशान
बरनाला (Narendra Singh Danu) : लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के विरोध में पंजाब भर के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। जॉइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर शुरू हुई इस हड़ताल के चलते प्रदेश की अदालतों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। वकीलों का आरोप है कि मौजूदा नीति में खामियों के कारण अपराधियों को फायदा मिल रहा है और इससे कानून व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
जिला बार एसोसिएशन बरनाला के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की यह नीति गरीब और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से बनाई गई थी, लेकिन इसका लाभ अब पेशेवर अपराधी भी उठा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इस सिस्टम की समीक्षा कर इसमें जरूरी बदलाव किए जाएं।
एडवोकेट धीरज कुमार ने कहा कि लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के तहत आरोपितों को सरकार की ओर से मुफ्त वकील उपलब्ध कराया जाता है। उनका आरोप है कि कई गंभीर अपराधों में शामिल लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं, जिससे उन्हें कानूनी लड़ाई में आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार गांवों के पंचों और सरपंचों से नशा तस्करों के खिलाफ सख्ती बरतने की अपील कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे मामलों में आरोपितों को मुफ्त कानूनी सहायता मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था की कमियों के कारण लूटपाट और ड्रग तस्करी जैसे अपराधों पर रोक लगाने में मुश्किलें आ रही हैं।
जिला बार एसोसिएशन बरनाला की एडहॉक कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट हरिंदरपाल सिंह रानू ने कहा कि यह आंदोलन केवल बरनाला तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब की सभी बार एसोसिएशनों ने मिलकर इसे शुरू किया है। उन्होंने कहा कि मुफ्त कानूनी सहायता का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की मदद करना है, न कि आदतन अपराधियों को फायदा पहुंचाना।
उन्होंने बताया कि इससे पहले जॉइंट एक्शन कमेटी और बार काउंसिल के सदस्यों ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद एक कमेटी भी गठित की गई थी, लेकिन लंबे समय बाद भी कोई समाधान नहीं निकला।
वकील नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस नीति को वापस नहीं लेती या इसमें आवश्यक सुधार नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।