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पदोन्नति, भत्तों और पुरानी पेंशन समेत कई मांगों को लेकर 12 जुलाई तक रहेगा आंदोलन, मांगें न मानीं तो होगा संघर्ष तेज
मोगा (Narendra Singh Danu) : पंजाब के डीसी दफ्तरों में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मोगा में हुई डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन की राज्य स्तरीय बैठक में फैसला लिया गया कि 9 से 12 जुलाई 2026 तक पूरे पंजाब में 'कलम छोड़ो, कंप्यूटर बंद' हड़ताल की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष तेजिंदर सिंह नंगल और प्रदेश सचिव नरिंदर सिंह चीमा की अध्यक्षता में हुई बैठक में पदोन्नति, नए पद सृजित करने, प्रशासनिक भत्ता, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने सहित कई मांगें दोहराई गईं। यूनियन ने मांग की कि वरिष्ठ सहायकों का पदोन्नति कोटा 100 प्रतिशत किया जाए, तहसीलदार और नायब तहसीलदार पदों पर पदोन्नति के अवसर बढ़ाए जाएं तथा डीसी, एसडीएम, तहसील और उप-तहसील कार्यालयों में आवश्यक नए पद सृजित किए जाएं। साथ ही अंतर-जिला तबादलों के लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने की भी मांग उठाई गई। बैठक में रजिस्ट्री क्लर्क परीक्षा पास कर चुके कर्मचारियों की नियुक्ति, सभी कर्मचारियों को 5 प्रतिशत प्रशासनिक भत्ता, सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-1 के रिक्त पदों पर पदोन्नति, 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों को समान प्रारंभिक वेतन तथा पुरानी पेंशन और एसीपी योजना बहाल करने की मांग भी रखी गई। यूनियन ने आरोप लगाया कि 7 मई को वित्तीय आयुक्त (राजस्व) और 30 जून को राजस्व मंत्री के साथ हुई बैठकों में किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन सकी। इसके विरोध में राज्यव्यापी हड़ताल का फैसला लिया गया है। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 12 जुलाई तक भी सरकार ने मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और अगले चरण की घोषणा की जाएगी।