रिलायंस एडीए ग्रुप की कंपनियों में कथित फंड डायवर्जन का आरोप, चार दिन की CBI रिमांड मंजूर
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अमित बापना को रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है। एजेंसी का आरोप है कि कंपनी के वित्तीय फैसलों में उनकी अहम भूमिका थी और उनकी मंजूरी से ऐसे ऋण दिए गए, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों और बैंकों की तय शर्तों के विपरीत थे।
CBI के अनुसार, अमित बापना अगस्त 2014 से दिसंबर 2019 तक रिलायंस कैपिटल में CFO रहे। जांच में सामने आया कि इस दौरान रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) द्वारा लिए गए कर्ज को कई मध्यस्थ कंपनियों के जरिए रिलायंस एडीए ग्रुप की अन्य कंपनियों—रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर—तक पहुंचाया गया। इससे बैंकों को कथित तौर पर भारी नुकसान हुआ, जबकि समूह की कंपनियों को अनुचित लाभ मिला।
तिहाड़ जेल से लिया गया हिरासत में
CBI ने बताया कि अमित बापना पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से जुड़े एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद थे। एजेंसी ने विशेष अदालत से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर उन्हें मुंबई की विशेष CBI अदालत में पेश किया, जहां से 4 जुलाई को औपचारिक गिरफ्तारी की गई। अदालत ने उन्हें चार दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया है।
सात FIR, छह गिरफ्तारियां
CBI ने अब तक रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में सात एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस होम फाइनेंस, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस और रिलायंस टेलीकॉम से जुड़े मामले शामिल हैं।
एजेंसी ने 29 मई को रिलायंस कम्युनिकेशंस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 16 आरोपियों को नामजद किया गया था। अमित बापना की गिरफ्तारी के बाद इन मामलों में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।