SBI और केनरा बैंक की शिकायत पर कार्रवाई; कंपनियों और निदेशकों पर फंड डायवर्जन व फर्जीवाड़े का आरोप, डिजिटल साक्ष्य जब्त
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 231 करोड़ रुपये से अधिक की कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े दो मामलों में शनिवार को महाराष्ट्र और गुजरात के कई ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और केनरा बैंक की शिकायतों के आधार पर की गई।
SBI को 103 करोड़ से अधिक की कथित चपत
सीबीआई के अनुसार, पहला मामला मुंबई स्थित आरएल ज्वेल्स लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज किया गया है। आरोप है कि कंपनी ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और बैंक से प्राप्त धन का दुरुपयोग किया, जिससे भारतीय स्टेट बैंक को लगभग 103.58 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने बैंक से प्राप्त राशि को अन्य बैंकों के खातों के जरिए स्थानांतरित किया और रिकॉर्ड में भी हेराफेरी की।
केनरा बैंक को 128 करोड़ का नुकसान
दूसरा मामला अशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड और उसके निदेशकों से जुड़ा है। केनरा बैंक की शिकायत के मुताबिक, कंपनी ने वस्त्र उद्योग के लिए मिली बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल कथित तौर पर अन्य कारोबारों में किया और स्टील, एल्युमिनियम तथा कोयला व्यापार में बड़े वित्तीय लेन-देन किए।
सीबीआई के अनुसार, इस कथित धोखाधड़ी से बैंकिंग कंसोर्टियम को करीब 128.23 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
कई ठिकानों पर तलाशी, डिजिटल साक्ष्य मिले
जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र और गुजरात में आरोपितों के आवास, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के कार्यालयों पर छापेमारी की। इस दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिनमें कथित फंड डायवर्जन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।
सीबीआई ने बताया कि जब्त सामग्री की जांच की जा रही है ताकि पूरे वित्तीय लेन-देन, कथित साजिश और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाया जा सके। मामले की जांच जारी है।