पंजाब/यूटर्न/4 जुलाई। पठानकोट में गांव डिबकू में नहर के पानी को रोकने के लिए लगाए गेट को तोड़ने की बड़ी साजिश नाकाम को गई। हालांकि, शरारती तत्वों ने गेट के नट-बोल्ट तोड़ दिए थे। हालांकि, समय रहते विभाग को इस साजिश का पता चल गया और गेट को तोड़ने का प्रयास विफल हो गया। अब विभागीय अधिकारी की शिकायत पर थाना सदर पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ पंजाब कैनाल एंड ड्रेनेज एक्ट की धारा 52, बीएनएस का धारा 326 (ए) और 324 (3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई कार्यकारी इंजीनियर,नहर और भूमिगत जल विभाग,गुरदासपुर से प्राप्त एक आधिकारिक पत्र के आधार पर की गई है। आरोपी की पहचान गांव माहीचक्क निवासी आरिफ हुसैन उर्फ कालू गुज्जर को तौर पर हुई है।
सैंकड़ों गांवों की लाइफलाइन है ये नहर
जांच आधिकारी एएसआई परमजीत शर्मा ने बताया कि जल स्रोत विभाग पंजाब,गुरदासपुर मंडल के पत्र के माध्यम से पुलिस को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में बताया गया कि गांव डिबकू से शुरू होने वाली गुलपुर एस्केप चैनल (नहर) के जरिए कलानौर, डेरा बाबा नानक और रामदास इलाके के किसानों व जमींदारों को सिंचाई और अन्य उपयोग के लिए नहरी पानी की सप्लाई दी जाती है। यह नहर इस पूरे इलाके के लिए पानी का एकमात्र मुख्य स्रोत है।
नहर विभाग के फील्ड स्टाफ ने दी थी रिपोर्ट
अधिकारियों को नहर विभाग के फील्ड स्टाफ से रिपोर्ट मिली थी। जिसमें बताया गया था कि गांव डिबकू के पास नहर की बुरजी संख्या 9000 पर जल स्रोत विभाग का एक भारी लोहे का गेट लगा हुआ है। बीती दरमियानी रात को एक युवक ने चोरी या गेट को तोड़ने की नीयत से उसके नट-बोल्टों के साथ छेड़छाड़ की और उन्हें तोड़ दिया। जांच अधिकारी ने बताया कि इसी रिपोर्ट के आधार पर नहरी विभाग के अधिकारियों ने पुलिस को पत्र लिखा।
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