पंजाब/यूटर्न/1 जुलाई। पंजाब की पूर्व कांग्रेस मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से राहत नहीं मिल सकी है। हाईकोर्ट ने रिश्वत मामले में दर्ज एफआईआर और ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही को रद्द करने की मांग वाली उनकी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि याचिका में कोई मेरिट नहीं है और इसे स्वीकार करने का कोई आधार नहीं बनता। यह मामला वर्ष 2022 का है। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अरोड़ा को अपने एआईजी को रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। विजिलेंस का आरोप है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले से अपना नाम हटवाने के लिए अरोड़ा ने एआईजी को एक करोड़ रुपए की रिश्वत देने की पेशकश की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, तय सौदे के तहत अरोड़ा पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपए लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। इसी एफआईआर और उसके आधार पर ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्रवाई को रद्द कराने के लिए अरोड़ा ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
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