अमृतसर/यूटर्न/1 जुलाई। अमृतसर पुलिस ने सीमा पार से चल रहे अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा करते हुए 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 7 अत्याधुनिक पिस्तौल और 40 कारतूस बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत भेजे जा रहे थे। आरोपियों की पहचान तरनतारन जिले के सराहणा, सुरसिंह निवासी सुरजीत सिंह और गुलबाग सिंह बाठ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सुरजीत सिंह पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में फरार चल रहा था। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि दूसरा आरोपी गुलबाग सिंह अमृतसर के सुल्तानविंड इलाके में एक डी-एडिक्शन सेंटर संचालित करता था। पुलिस को शक है कि इस सेंटर की आड़ में अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। अब सिविल सर्जन की टीम के साथ मिलकर सेंटर के रिकॉर्ड और फंडिंग की जांच की जा रही है। बरामद हथियारों में एक 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल, तुर्की निर्मित .30 बोर पिस्तौल, विशेष रूप से मॉडिफाइड .30 बोर पिस्तौल, चीन और पाकिस्तान में बने .30 बोर पिस्तौल सहित कुल सात हथियार शामिल हैं। इसके अलावा 40 जिंदा .30 बोर कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
तय स्थान पर गिराई जाती थी नशे की खेप
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप तरनतारन के सीमावर्ती इलाकों में पहले से तय स्थानों पर गिराई जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे और बातचीत के लिए व्हाट्सएप, सिग्नल जैसी एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल करते थे। इस मामले में थाना सुल्तानविंड में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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