खन्ना/यूटर्न/30 जून। श्री फतेहगढ़ साहिब में पंजाब में सजा पूरी कर चुके 'बंदी सिंहों' (सिख कैदियों) की रिहाई की मांग को लेकर एक बार फिर पंथक सियासत और आंदोलन तेज होने जा रहा है। कौमी इंसाफ मोर्चा ने 4 जुलाई 2026 को सरहिंद के माधोपुर में बड़े स्तर पर 'रेल रोको' आंदोलन शुरू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के मीटिंग हॉल में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कौमी इंसाफ मोर्चा के शीर्ष नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकारों पर बंदी सिंहों की रिहाई के मामले में पूरी तरह से उदासीन और टालमटोल वाला रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
सजा पूरी होने के बाद भी रिहाई न होना अन्याय
नेताओं ने कहा कि अपनी कानूनी सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों को अभी भी जेलों की सलाखों के पीछे रखना मानवाधिकारों और न्याय के बुनियादी सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है, जिससे पूरे सिख जगत में भारी रोष है।इसके साथ ही मोर्चे ने एक और बड़ी मांग रखते हुए कहा कि काली सूची में दर्ज करीब 20 हजार सिखों के नाम इस सूची से तुरंत बाहर किए जाने चाहिए।
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