Uturn Time
Breaking
Chandigarh: हरियाणा में ई-कॉमर्स विस्तार की बड़ी पहल: फ्लिपकार्ट के साथ साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा Chandigarh: हरियाणा–फुकुओका साझेदारी: 50,000 युवाओं को जापान में रोजगार का रास्ता खुला Chandigarh: पंजाब में सामाजिक सुरक्षा पर बड़ा कदम: 1,583 करोड़ रुपये जारी, 36 लाख लोगों को मिला लाभ New Delhi: कपड़ा क्षेत्र की योजनाओं की समीक्षा, बुनकरों-कारीगरों के सशक्तीकरण पर जोर New Delhi: एनीमिया के खिलाफ बड़ा बदलाव, ‘एनीमिया मुक्त भारत अभियान’ का नया स्वरूप लॉन्च New Delhi: जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन, देशभर से समर्थन की अपील New Delhi: ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की नई पहल, 'लखपति दीदी डैशबोर्ड' और 'शी लीप्स' लॉन्च New Delhi: डिजिटल हेल्थ को नई रफ्तार: आरोग्य सेतु 2.0 समेत कई स्वास्थ्य सेवाएं लॉन्च Srinagar: 34 साल पुराने सरला भट हत्याकांड में चार्जशीट दाखिल, यासीन मलिक समेत पांच आरोपित नामजद New Delhi: हरियाणा-राजस्थान के बीच यमुना जल परियोजना पर समझौता, शेखावाटी समेत कई क्षेत्रों को मिलेगा पेयजल Patiala: पंजाब के पेंशनधारक डॉक्टर 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस “काला दिवस” के रूप में मनाएँगे Hoshiarpur: सेवा केंद्र कर्मचारी संघ पंजाब ने सरकार को चेतावनी दी, मांगे नहीं मानीं तो 10 जुलाई से फिर शुरू होगा संघर्ष
Logo
Uturn Time
जेपी नड्डा ने जारी किए संशोधित दिशा-निर्देश, अब जांच-उपचार और जनभागीदारी पर फोकस
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को ‘एनीमिया मुक्त भारत अभियान’ के संशोधित परिचालन दिशा-निर्देश जारी किए। इसके साथ ही कार्यक्रम को नए रूप में विस्तार देते हुए इसे अब केवल आयरन टैबलेट वितरण तक सीमित न रखकर व्यापक स्वास्थ्य और पोषण अभियान में बदल दिया गया है। विज्ञान भवन में आयोजित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद की 16वीं बैठक के दौरान इन नए दिशा-निर्देशों को जारी किया गया। सरकार का लक्ष्य देश से एनीमिया (खून की कमी) की समस्या को प्रभावी ढंग से खत्म करना है। नए बदलावों के तहत अब इस अभियान में केवल रोकथाम नहीं, बल्कि जांच, उपचार, संतुलित और आयरन युक्त आहार, तथा सामुदायिक जागरूकता यानी ‘जन चेतना’ पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार ने इसे रोकथाम आधारित मॉडल से आगे बढ़ाकर उपचार आधारित रणनीति में बदल दिया है। नई गाइडलाइन में 0 से 6 महीने तक के कम वजन वाले शिशुओं को भी एक नए लाभार्थी समूह के रूप में शामिल किया गया है, ताकि जन्म से ही एनीमिया के खतरे को रोका जा सके। इसके अलावा ‘ईटिंग राइट’ यानी आयरन युक्त संतुलित आहार को अभियान का अहम हिस्सा बनाया गया है। डिजिटल निगरानी प्रणाली को भी मजबूत किया गया है। गर्भवती महिलाओं का रिकॉर्ड जननी पोर्टल, बच्चों का रिकॉर्ड आरबीएसके और यू-विन पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जबकि सभी डेटा को एकीकृत एनीमिया मुक्त भारत पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे जांच, उपचार और फॉलो-अप की प्रक्रिया पर बेहतर निगरानी संभव होगी। इसके साथ ही सरकार ने ‘जन भागीदारी’ अभियान की भी शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य एनीमिया को सामान्य समस्या मानने की सोच को बदलकर समाज को इसके खिलाफ सक्रिय बनाना है। मंत्रालय के अनुसार, यह संशोधित अभियान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार, शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु अनुपात में कमी लाने तथा देश में पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।