जेपी नड्डा ने डिजिटल हेल्थ पहल की शुरुआत की, 90 करोड़ से अधिक ABHA आईडी बनने का दावा
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : केंद्रीय स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को देश की डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘आरोग्य सेतु 2.0’ सहित कई नई डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में शामिल हो चुका है।
विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में नड्डा ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत अब तक 90 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) बनाए जा चुके हैं, जबकि 100 करोड़ से अधिक डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड इनसे जोड़े जा चुके हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने आरोग्य सेतु 2.0, आयुष्मान ऐप, आयुष्मान सारथी व्हाट्सएप चैटबॉट, नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज, इंश्योरेंस प्लान एफएचआईआर ऑब्जेक्ट क्रिएटर, ई-सुश्रुत क्लिनिक, यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (UHI), ड्रग रजिस्ट्री और भारत हेल्थ टर्मिनोलॉजी सर्विस जैसी डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ किया।
नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और ‘सही’ तथा ‘बोधी’ जैसी एआई आधारित पहलें स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार ला रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है और नए डिजिटल प्लेटफॉर्म बिखरी हुई स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत मंच पर लाएंगे।
उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु 2.0 को पूरी तरह नए स्वरूप में विकसित किया गया है, जिससे गर्भवती महिलाओं, बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और गंभीर या दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों को एक ही मंच पर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
केंद्रीय मंत्री ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से इन डिजिटल पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील करते हुए कहा कि इससे ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा दी है और प्राथमिक, माध्यमिक तथा तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया है।
कार्यक्रम में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि यह पहल आधुनिक चिकित्सा प्रणाली और आयुष पद्धति के समन्वय के साथ डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देगी। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी करने में मदद करेंगे और आशा व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशासनिक बोझ भी कम होगा।
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन देश की बिखरी हुई स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली में बदल रहा है। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने कहा कि नई डिजिटल पहलें स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाने और डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों को आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगी।