Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़ 22 Jan । मेयर चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के पार्षद रामचंद्र यादव ने डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। खास बात यह रही कि उनके नामांकन प्रस्तावक कांग्रेस के दो पार्षद बने, जिससे सियासी समीकरणों पर सवाल खड़े हो गए हैं। रामचंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि वह पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं, लेकिन संगठन के भीतर कुछ ऐसे लोग हैं जो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में मौजूद “दीमक” जैसी सोच रखने वालों को अलग किया जाना चाहिए, ताकि संगठन मजबूत रह सके। यादव ने आरोप लगाया कि वह चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चुनाव में जिन तीन वोटों ने क्रॉस वोटिंग की थी, उन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से पार्टी के सभी पार्षदों को शक की नजर से देखा जाता है, जो गलत है। रामचंद्र यादव का यह कदम न केवल AAP के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है, बल्कि मेयर चुनाव से पहले चंडीगढ़ की राजनीति में नई हलचल भी पैदा कर रहा है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व इस चुनौती से कैसे निपटता है।