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दिल्ली में श्रमिकों के लिए हेल्थ स्कीम का विस्तार, पूरे परिवार को मिलेगा बेहतर इलाज
नई दिल्ली (Narendra Singh Danu) : नई दिल्ली में श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में कैबिनेट ने ‘दिल्ली भवन निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य राजधानी के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को मुफ्त, गुणवत्तापूर्ण और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। योजना की प्रमुख विशेषताएं: कवरेज: पंजीकृत श्रमिक, उनके पति/पत्नी, बच्चे और माता-पिता इलाज की सीमा: प्रति श्रमिक: 2 लाख रुपये तक प्रति परिवार: 10 लाख रुपये तक सेवाएं: मुफ्त OPD और IPD जांच व लैब सुविधाएं आपातकालीन चिकित्सा रेफरल सेवाएं मोबाइल मेडिकल यूनिट्स वार्षिक हेल्थ चेकअप: श्रमिक और उनके जीवनसाथी के लिए अनिवार्य कैशलेस इलाज: पूरी प्रक्रिया बिना खर्च के इस योजना से करीब 2.70 लाख श्रमिक और उनके परिवारों सहित लगभग 10 लाख लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिक कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं, जहां उन्हें धूल, रसायन, भारी मशीनों और शोर का सामना करना पड़ता है। इसके कारण उन्हें सिलिकोसिस, श्वसन और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना बनाई गई है। अतिरिक्त प्रावधान: डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किए जाएंगे आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन उपलब्ध होगी सरकार का अनुमानित खर्च: लगभग 200 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह योजना सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारने की एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा पहल है। केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत और ई-श्रम पोर्टल की तर्ज पर दिल्ली सरकार भी श्रमिकों के कल्याण को आगे बढ़ा रही है।