उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार बोले, पावरलूम सेक्टर बनेगा पानीपत की अर्थव्यवस्था की रीढ़
पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : पावरलूम सेक्टर को सशक्त बनाने एवं उसकी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य को लेकर मंगलवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ जिला सचिवालय स्थित सभागार में उद्योगपतियों की बैठक ली। बैठक में जिले में संचालित पावरलूम इकाइयों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई तथा उनके समक्ष आने वाली प्रमुख चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से आधारभूत ढांचे, बिजली आपूर्ति, ऋण उपलब्धता, कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन और बाजार से जुड़ी समस्याओं को चिन्हित करते हुए इनके समाधान के लिए आवश्यक कदमों पर विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि पानीपत देश के प्रमुख पावरलूम एवं टेक्सटाइल क्लस्टरों में से एक है और यह क्षेत्र रोजगार सृजन तथा औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पावरलूम उद्योग को मजबूत करना समय की आवश्यकता है, ताकि स्थानीय उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी बन सके और वैश्विक बाजार में अपनी पहचान को और सुदृढ़ कर सके। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे पावरलूम इकाइयों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें तथा उद्योग से जुड़े हितधारकों, वित्तीय संस्थानों एवं विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें।
उपायुक्त ने कहा कि आधुनिक तकनीक को अपनाने, श्रमिकों के कौशल विकास और बाजार विस्तार के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उद्योग इकाइयों तक पहुंचाया जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पावरलूम इकाइयों को ऋण उपलब्ध कराने से संबंधित मामलों को जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की बैठकों में प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि उद्योग को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके। बैठक के दौरान उद्योग संचालकों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न सुझावों और समस्याओं पर भी विचार किया गया तथा उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि पावरलूम उद्योग पानीपत की औद्योगिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। इस क्षेत्र के विकास, आधुनिकीकरण और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। सरकार की योजनाओं और विभागीय समन्वय के माध्यम से उद्योगों को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि उत्पादन, रोजगार और निर्यात के अवसरों में वृद्धि हो सके तथा जिले का औद्योगिक विकास और अधिक मजबूत बने।
उपायुक्त डॉ हरीश ने उद्योगपतियों को कहा कि वह सोमवार और वीरवार को जनता समाधान शिविर में भी अपनी समस्या रख सकते हैं जहां उनका निस्तारण निश्चित रूप से किया जाएगा उन्होंने एक सेमिनार करने का भी उद्योगपतियों से आह्वान
किया। बैठक में एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार एसडीएम समालखा अमित कुमार एसडीएम इसराना नवदीप नैन नगराधीश टीनू पोसवाल डीडीपीओ राजेश शर्मा डीएसपी नरेंद्र, विनोद धमीजा, प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।