DMC&H ने ‘प्रोजेक्ट रोशनी’ के तहत OPTICS 2.0 का किया सफल आयोजन
लुधियाना: दयानंद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMC&H), लुधियाना के नेत्र रोग विभाग द्वारा प्रोजेक्ट रोशनी के अंतर्गत ऑप्टोमेट्रिस्ट्स के लिए विशेष सीएमई कार्यक्रम OPTICS 2.0 का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश तथा अन्य पड़ोसी राज्यों के सरकारी एवं निजी संस्थानों से 125 से अधिक ऑप्टोमेट्री विद्यार्थियों और कार्यरत ऑप्टोमेट्रिस्ट्स ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन डीएमसी एंड एच मैनेजिंग सोसाइटी के सचिव श्री बिपिन गुप्ता, डॉ. संदीप कौशल (डीन अकादमिक्स), डॉ. संदीप शर्मा (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट), डॉ. आशिमा तनेजा (अतिरिक्त मेडिकल सुपरिंटेंडेंट) तथा डीएमसी एंड एच एवं श्रॉफ आई हॉस्पिटल, नई दिल्ली के फैकल्टी सदस्यों द्वारा किया गया।
ऑप्टोमेट्रिस्ट्स के ज्ञान और व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस सीएमई में विशेषज्ञों द्वारा इंटरैक्टिव केस आधारित चर्चाएं तथा बाइनोक्युलर विज़न थेरेपी, कॉन्टैक्ट लेंस फिटिंग, ऑक्यूलर प्रोस्थेसिस, चश्मों की डिस्पेंसिंग से जुड़े टिप्स एवं ट्रिक्स सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में श्रॉफ आई हॉस्पिटल, नई दिल्ली से डॉ. गुरविंदर कौर, डॉ. प्रियंका अरोड़ा, डॉ. निम्रता धामी, श्री प्रेम कुमार और श्री ब्रजेश कुमार ने विशेषज्ञ फैकल्टी के रूप में भाग लिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. प्रियंका अरोड़ा, पीडियाट्रिक ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट एवं प्रोजेक्ट रोशनी की परियोजना प्रमुख ने किया। उन्होंने कहा, “ऑप्टोमेट्रिस्ट्स प्राथमिक नेत्र देखभाल सेवाओं की रीढ़ हैं। OPTICS 2.0 के माध्यम से हमारा उद्देश्य उनके क्लीनिकल ज्ञान और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बनाना है, ताकि मरीजों को बेहतर नेत्र देखभाल सेवाएं मिल सकें।”
डीएमसी एंड एच मैनेजिंग सोसाइटी के सचिव श्री बिपिन गुप्ता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “उच्च गुणवत्ता वाली रोगी देखभाल के लिए निरंतर पेशेवर शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम नेत्र देखभाल पेशेवरों को नवीनतम तकनीकों और ज्ञान से अपडेट रहने में मदद करते हैं।”
इस अवसर पर प्रोजेक्ट रोशनी के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला गया। यह डीएमसी एंड एच, सेवा कनाडा और डॉ. श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल, नई दिल्ली की साझेदारी से संचालित एक पहल है, जिसका उद्देश्य सामुदायिक पहुंच, प्रारंभिक पहचान, जागरूकता और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण के माध्यम से बाल नेत्र देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ बनाना है।
डीएमसी एंड एच के प्रिंसिपल डॉ. जी.एस. वांडर ने नेत्र रोग विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए नेत्र स्वास्थ्य से जुड़े सहयोगी पेशेवरों की क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के व्यावहारिक एवं इंटरैक्टिव स्वरूप की प्रशंसा की तथा भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता व्यक्त की। OPTICS 2.0 का सफल आयोजन डीएमसी एंड एच की नेत्र देखभाल शिक्षा को बढ़ावा देने और कुशल नेत्र स्वास्थ्य कार्यबल तैयार करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।