सपनों को मिलेगी सही उड़ान
जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : "सही समय पर लिया गया सही फैसला ही उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है।" इसी उद्देश्य के साथ जगरांव के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जी.एच.जी. अकादमी में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष करियर काउंसलिंग और मोटिवेशनल सेशन का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक ढर्रे से हटकर आधुनिक दौर के करियर विकल्पों से रूबरू कराना था।
ग्लोबल अवसरों पर मंथन: भारत से विदेश तक की राह हुई आसान
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और जीबी एजुकेशन (आई.एस.पी.) के लीड काउंसलर श्री वनीत कुमार गुम्बर ने अपने चिरपरिचित व्यावहारिक अंदाज में छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्होंने न सिर्फ भारत, बल्कि विदेशों में मौजूद बेहतरीन शैक्षणिक अवसरों का पूरा रोडमैप छात्रों के सामने रखा।
श्री गुम्बर ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के दौर में सिर्फ डिग्री हासिल करना काफी नहीं है, बल्कि अपनी रुचि और क्षमता (Aptitude) को पहचानकर सही प्रोफेशनल कोर्स चुनना सफलता की असली कुंजी है।
जिज्ञासाओं का समाधान: सवालों के चक्रव्यूह से निकले छात्र
यह सत्र केवल एकतरफा व्याख्यान नहीं था, बल्कि एक जीवंत संवाद (Interactive Session) बनकर उभरा। छात्रों ने पूरे जोश के साथ इसमें हिस्सा लिया और अपने मन में उठने वाले हर छोटे-बड़े सवाल को एक्सपर्ट के सामने रखा।
प्रोफेशनल कोर्सेज का चयन कैसे करें?
बदलते दौर में कौन से करियर सेक्टर्स सबसे सुरक्षित और ग्रोथ वाले हैं?
ग्लोबल यूनिवर्सिटीज में एंट्री का क्या प्रोसेस है?
इन सभी जटिल सवालों का गुम्बर ने अपने व्यावहारिक अनुभवों और प्रेरक विचारों के जरिए बेहद सरल समाधान दिया, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास देखते ही बनता था।
प्राचार्या का संदेश: 'यह सिर्फ व्याख्यान नहीं, भविष्य निर्माण की नींव है'
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती रमनजोत कौर ग्रेवाल ने मुख्य वक्ता श्री वनीत कुमार गुम्बर का आभार जताते हुए इस आयोजन की अहमियत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा: "आज का युवा असीम ऊर्जा से भरा है, बस जरूरत है तो उसे सही दिशा दिखाने की। इस तरह के गाइडेड सेशन्स विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को तराशने और उन्हें अपने सपनों के प्रति सकारात्मक बनाने में मील का पत्थर साबित होते हैं। हमारा संस्थान छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा ऐसे प्रयास करता रहेगा।"
सकारात्मक ऊर्जा के साथ समापन: कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। यह पूरा सत्र विद्यार्थियों के लिए केवल सूचनात्मक ही नहीं रहा, बल्कि उनके भीतर एक नया जोश और अपने लक्ष्यों को पाने का संकल्प जगा गया। स्कूल से बाहर निकलते छात्रों के चेहरों पर अब भविष्य को लेकर असमंजस की जगह एक स्पष्ट विजन और मुस्कान थी।