पंजाब/यूटर्न/16 मई। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा औपचारिक रूप से आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। पटियाला में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। रखड़ा ने मंच से साफ किया कि पंजाब सरकार द्वारा बेअदबी के मामलों पर लाया गया सख्त कानून और राज्य में नहरों के जरिए पानी पहुंचाने की ऐतिहासिक मुहिम ही उनके आप में शामिल होने की मुख्य वजह बनी है। वह आगामी चुनाव में समाना निर्वाचन क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में अपनी राजनीतिक पारी की नई शुरुआत करेंगे। मंच संभालते ही पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा ने प्रेस और मीडिया के उन सवालों का खुलकर जवाब दिया, जो पिछले कुछ दिनों से उनकी राजनीतिक दिशा को लेकर पूछे जा रहे थे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका आम आदमी पार्टी में आने का फैसला पूरी तरह से पंजाब के हितों और सिखों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है।
गुरुजीत खालसा के मोर्चे का जिक्र किया
रखड़ा ने समाना में बेअदबी मामले को लेकर करीब डेढ़ साल तक चले गुरुजीत सिंह खालसा के मोर्चे का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किस तरह कड़ाके की ठंड, भीषण गर्मी और आंधियों के बीच प्रदर्शनकारियों ने 400 फीट ऊंचे टावर पर रहकर संघर्ष किया। इस मोर्चे के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वादा किया था कि यदि वे इस मामले पर कड़ा कानून बनवा देते हैं, तो रखड़ा को उनका साथ देना होगा।
शिअद छोड़ने की वजह का किया खुलासा
उन्होंने शिरोमणि अकाली दल छोड़ने की वजह का खुलासा करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती अकाली सरकार बेअदबी के मामलों को सुलझाने और दोषियों को सजा दिलाने में नाकाम रही थी। उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे के कारण 2017 से लेकर 2024 तक के चुनावों में अकाली दल का ग्राफ लगातार नीचे गिरता गया, क्योंकि जनता में भारी नाराजगी थी।