पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल सिस्टम लागू होगा
चंडीगढ़: हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजस्व तंत्र को पूरी तरह डिजिटल बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य भूमि से जुड़े कार्यों को अधिक पारदर्शी, तेज और सुगम बनाना है।
सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि सभी पुराने रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण तेजी से पूरा किया जाए और नई प्रणाली को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित भारत-2047 के अंतर्गत तैयार किए गए 5 वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप और कार्य योजना की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 4 लाख पेपरलेस रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं और किसी भी तहसील में 15 दिन से पुराना कोई आवेदन लंबित नहीं है। सरकार भूमि अभिलेखों के 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण, जियो-टैगिंग, यूनिक लैंड पार्सल नंबर, प्रॉपर्टी आईडी लिंकिंग और आधुनिक डाटा सेंटर पर काम कर रही है।
सभी जिलों में एआई आधारित फायर कमांड सेंटर और अग्निशमन कार्यों में रोबोट के उपयोग की भी तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से राजस्व विभाग द्वारा अपने डाटा की स्टोरेज के लिए हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (हार्ट्रॉन ) के माध्यम से प्रदेश में अपडेटिड डाटा सेंटर स्थापित किया जा रहा है जिसके लिए टेंडर किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने शहरी संपत्ति के राजस्व रिकॉर्ड को प्रॉपर्टी आईडी के साथ लिंक करवाकर सुव्यवस्थित करवाने के भी निर्देश दिए।