Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
"आमजन को ईंधन बचाने,पर्यावरण संरक्षण व सादगीपूर्ण जीवन शैली अपनाने का देंगे संदेश"
थानेसर (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी) : अपनी सादगी और प्राकृतिक खेती के प्रचारक के रूप में पहचाने जाने वाले गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत 14 मई वीरवार से कुरुक्षेत्र में नई पहल करने जा रहे हैं। गुजरात से कुरुक्षेत्र सामान्य रेलगाड़ी से पहुंचने के बाद गुरुकुल तक साइकिल पर यात्रा करेंगे। ऐसा करके राज्यपाल आचार्य देवव्रत आमजन को ईंधन बचाने, पर्यावरण सरंक्षण व सादगीपूर्ण जीवन शैली अपनाने का संदेश देंगे। राज्यपाल देवव्रत आर्य 14 मई को सुबह करीब 9 बजकर 30 मिनट पर रेलवे स्टेशन कुरुक्षेत्र में पहुंचेंगे। आचार्य देवव्रत इस समय गुजरात के 20वें राज्यपाल के तौर पर पद संभाले हुए हैं। जो शिक्षाविद, समाजसेवी, वैदिक विद्वान रहे हैं। इससे पहले हरियाणा के कुरुक्षेत्र गुरुकुल के प्रधानाचार्य रहे। वर्ष 2015 से 2019 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे और वर्ष 2019 में गुजरात के राज्यपाल रहे। गुजरात के राज्यपाल बनते समय संस्कृत में शपथ लेकर अलग पहचान दिखाई। इसके साथ ही 11 सितंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया। ये तब हुआ जब सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति चुने गए। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिसंबर 2024 में कहा था कि आचार्य देवव्रत राज्यपालों के भी अगुआ हैं, यानी सबसे वरिष्ठ राज्यपाल, जो सभी राज्यपालों का नेतृत्व करते हैं। आचार्य देवव्रत ने नवंबर 2024 नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। नवंबर 2025 जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। अप्रैल 2026 भिवानी में नेचुरल फार्मिंग सेमिनार में बोले कि मोदी ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन शुरू किया है। आचार्य देवव्रत को आर्य समाज से जुड़ाव और लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी जाना जाता है। सितंबर 2025 में महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार लेने मुंबई तेजस एक्सप्रेस से गए, वीआईपी काफिला नहीं लिया। गांधीनगर से आनंद तक जीएसआरटीसी की साधारण बस में आम जनता के साथ यात्रा की। आचार्य देवव्रत की देश में प्राकृतिक खेती के प्रचारक के रूप में बने हुए हें। राज्यपाल जो कहते हैं वह पहले करते हैं। उनका मानना है कि रसायनिक खेती दूसरे विश्व युद्ध के बाद बड़ा षड्यंत्र था। गुजरात में लाखों किसानों को प्राकृतिक खेती सिखाई।