फरीदाबाद में प्रशासनिक ढिलाई पर मंत्री का एक्शन
फरीदाबाद: फरीदाबाद में विकास कार्यों में लापरवाही को लेकर केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने नगर निगम अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान कई परियोजनाओं में देरी और गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आने पर मंत्री ने नाराजगी जताई।
बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुर्जर ने कहा कि नगर को अधिकारियों ने लूट का अड्डा बनाया हुआ है। ठेकेदारों के जरिए नगर निगम के पैसे की बंदरबांट हो रही है। इंटरलॉकिंग टाइल और सीवर ढक्कनों में लगातार घटिया क्वालिटी की सामग्री की शिकायत मिल रही है। निगम जो सडक़े बनवा रहा है, वो अपना कार्यकाल पूरा करने से पहले ही टूट रही है। वहीं निगम में पेड़ो के नाम पर लाखों के बिल बनाए जा रहे है लेकिन जमीन पर कोई पेड़ नहीं मिलता है। 10-10 करोड़ रूपये की राशि से लगाए गए पेड़ गायब हैं।
गुर्जर ने कहा कि अधिकारियों ने सरकार की बदनामी करवा रखी है, लेकिन इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि मेरी बात याद रखना ये जनता का पैसा है और इसे किसी कीमत पर व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। गुर्जर ने डीसी और कमीश्नर को जिम्मेदार अधिकारियों को चार्जशीट करने के दिए आदेश दिए। बैठक में मवई गांव के पास रास्ता बंद किए जाने का मामला सामने आने पर मंत्री ने यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने यूपी सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। कृष्णपाल गुर्जर ने सवाल उठाया कि बिना स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए, आखिर रास्ता कैसे बंद किया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह से जबरदस्ती लोगों की आवाजाही रोकना गलत है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित विभागों और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय जरूरी है।