पंजाब/यूटर्न/12 मई। कनाडा के विन्नपेग शहर में सिख युवक को पुलिस भर्ती परीक्षा में बैठने से रोका गया। एग्जामिनर ने उसे कृपाण उतारकर एग्जामिनेशन सेंटर में आने को कहा तो युवक ने कृपाण उतारने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसे एग्जामिनेशन हॉल में एंट्री नहीं दी गई और वह बिना भर्ती परीक्षा दिए लौट गया। पंजाबी युवक जसपाल सिंह गिल का कहना है कि कृपाण उसकी आस्था का प्रतीक है। जसपाल का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने उसे परीक्षा हॉल में प्रवेश देने के बदले कृपाण उतारने की शर्त रखी थी, जिसे मानने से उसने इनकार कर दिया। अब वह इस मामले की शिकायत कनाडा के मानवाधिकार आयोग में करेगा। यह घटना कुछ दिन पहले की है, लेकिन जसपाल सिंह अब कनाडा में मीडिया के सामने आया है। वहीं, विन्नपेग पुलिस ने भी इस संबंध में अपनी सफाई जारी कर दी है।
दादा और पिता भी थे पुलिस अफसर
जसपाल सिंह गिल का परिवार पीढ़ियों से खाकी वर्दी के जरिए समाज की सेवा करता आया है। जसपाल ने बताया कि उसके दादा और पिता भारत में पुलिस अधिकारी थे। उन्हीं को अपना आदर्श मानकर जसपाल ने भी पुलिस सेवा में जाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। 2021 में भारत से कनाडा (न्यू ब्रंसविक) आया जसपाल 2024 में वहां का स्थायी निवासी बना। पिछले साल नौकरी के लिए विन्निपेग शिफ्ट हुआ था।