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लुधियाना | 11 जनवरी श्री राम श्रणम आश्रम में साप्ताहिक सत्संग, संत अश्वनी बेदी जी महाराज ने सत्संग की महत्ता पर डाला प्रकाश श्री राम श्रणम आश्रम, श्री राम पार्क, बसंत रोड में आयोजित साप्ताहिक सत्संग में संत अश्वनी बेदी जी महाराज ने सत्संग और जप-यज्ञ के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने प्रवचनों में गुरुदेव परम पूज्य श्री स्वामी सत्यानंद जी महाराज के वचनों का स्मरण कराते हुए कहा कि सत्संग वह पावन स्थान है जहाँ सज्जन स्त्री-पुरुष एकत्र होकर धर्म और सत्य की चर्चा करते हैं, और यह केवल ईश्वर की कृपा से ही संभव होता है। संत अश्वनी बेदी जी महाराज ने कहा कि मनुष्य सांसारिक मायाजाल में उलझा रहता है, जिसका कोई अंत नहीं। ऐसे में मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति और जीवन को संतुलित बनाने के लिए अध्यात्म को समय देना अनिवार्य है। सत्संग संतों की कृपा से मिलता है और सच्चे संतों का मिलना स्वयं हरि-कृपा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि लोग मनोरंजन के साधनों पर अत्यधिक धन और समय खर्च करते हैं, किंतु यदि वही आकर्षण सत्संग के प्रति हो जाए तो समाज में वास्तविक शांति स्थापित हो सकती है। सत्संग गंभीर व्यक्तियों का विषय है, जहाँ हरि-चर्चा से शांति-रस की अनुभूति होती है। आंतरिक परिवर्तन का माध्यम है सत्संग महाराज ने स्पष्ट किया कि राजसभाएं, सरकारें और तंत्र केवल बाहरी नियम और दंड बना सकते हैं, परंतु मनुष्य की आंतरिक प्रवृत्ति को नहीं बदल सकते। मन का परिवर्तन केवल सत्संग से ही संभव है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जेल की सजा काटने के बाद भी अपराधी का स्वभाव नहीं बदलता, क्योंकि भीतर से परिवर्तन नहीं होता। सभा में श्री राजन कपूर, राज गुप्ता, बाहर प्रकाश, प्रिया गंभीर, प्रेरणा साही, नीरा गुप्ता, श्री रामेश्वर गुप्ता, बृजेश गुप्ता, शशि गुप्ता, शत्रुगान नंदा, गुलाब राय, चन्द्र कपूर, अमन गंभीर, राजन शर्मा, संदीप सूद, रेणु शर्मा, स्वीट धवन, दीक्षा धवन, किरण खरबंदा, शुचिता दुग्गल, अदिति सिंगला, राधिका वर्मा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।