"पंजाब में सफाई कर्मियों का विरोध तेज, सेवाएं पूरी तरह प्रभावित"
जगरांव: अपनी जायज मांगों को लेकर पंजाब भर के सफाई सेवकों और म्युनिसिपल कर्मचारियों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन और भी उग्र हो गई है। 'सफाई सेवक यूनियन' और 'म्युनिसिपल एक्शन कमेटी पंजाब' के बैनर तले 6 मई से शुरू हुए इस आंदोलन को मीडिया का चौतरफा समर्थन मिल रहा है, जिससे प्रदर्शनकारी कर्मचारियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
सरकार की वादाखिलाफी पर फूटा गुस्सा: यूनियन के जिला प्रधान अरुण गिल ने पंजाब सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार पिछले कई सालों से सफाई कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा: "न तो कच्ची भर्तियों को पक्का किया जा रहा है और न ही वेतन और अन्य बुनियादी सुविधाएं समय पर मिल रही हैं। अगर सरकार ने अब भी हमारी जायज मांगों को नजरअंदाज किया, तो आने वाले दिनों में इस संघर्ष को इतना तेज किया जाएगा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।"
अरुण गिल ने विशेष रूप से मीडिया का आभार जताते हुए कहा कि आज सोशल मीडिया से लेकर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक, हर तरफ सफाई सेवकों की आवाज गूंज रही है। मीडिया ने कर्मचारियों के दर्द को जनता और सरकार के कानों तक पहुँचाया है, जिससे आंदोलन में नया जोश भर गया है। इससे राज्य भर के नगर निगम और नगर परिषद कर्मचारियों में अपनी जीत की नई उम्मीद जागी है।
बढ़ता जा रहा है समर्थन का दायरा: गिल ने बताया कि अब समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि और कई राजनीतिक नेता भी कर्मचारियों के समर्थन में उतर आए हैं और सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक मांगों का कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक हड़ताल और धरने समाप्त नहीं होंगे।
दिग्गज नेताओं ने किया संबोधित:
आज के धरने को संबोधित करने वाले मुख्य वक्ताओं में शामिल थे:
कमलजीत खन्ना,
पुरुषोत्तम लाल खलीफा,
परमजीत सिंह रिम्पी लद्धड़,
कुलवंत सिंह सहोता,
राज कुमार, संतोष राम और अरुण गिल
इन नेताओं ने पंजाब सरकार की 'कर्मचारी विरोधी' नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और संकल्प लिया कि वे अपने हक के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे।