"डोटासरा का बयान, लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप"
जयपुर: गोविंद सिंह डोटासरा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं की निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है, लेकिन वर्तमान में उनके दुरुपयोग की शिकायतें सामने आ रही हैं।
केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और कहा कि कई राज्यों में चुनाव प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह खड़े हुए हैं।
उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां बड़े पैमाने पर प्रशासनिक हस्तक्षेप किया गया। बड़ी संख्या में अधिकारियों को हटाया गया, केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई हुई और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय हैं और पूरे देश को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
राजस्थान के संदर्भ में डोटासरा ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनाव समय पर नहीं कराए जा रहे हैं, जो संविधान के प्रावधानों के विपरीत है। साथ ही उन्होंने पेयजल संकट, बेरोजगारी, अपराध की बढ़ती घटनाओं और आरजीएचएस योजना में कर्मचारियों को इलाज नहीं मिलने जैसी समस्याओं को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इसके अलावा पेपर लीक मामलों और युवाओं को रोजगार नहीं मिलने को लेकर भी सरकार की आलोचना की।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता किसी भी कीमत पर आमजन के वोट के अधिकार की रक्षा करेंगे और किसी भी प्रकार की तानाशाही या एजेंसियों के दुरुपयोग को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले चुनावों में कांग्रेस जनता के समर्थन से मजबूती से आगे बढ़ेगी।