Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
महान सिख योद्धा जस्सा सिंह अहलूवालिया की जयंती पर श्रद्धांजलि
कुरूक्षेत्र (अश्विनी वालिया): अहलूवालिया सभा द्वारा आज 3 मई को अहलूवालिया चौक पर महान सिख योद्धा और कपूरथला रियासत के संस्थापक जस्सा सिंह अहलूवालिया की जयंती अत्यंत श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर सभा के सदस्यों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके जीवन की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया। अहलूवालिया सभा के संरक्षक राजिंदर मोहन वालिया ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जस्सा सिंह का जन्म 3 मई 1718 को लाहौर के पास अहलू गाँव में हुआ था। पिता बदर सिंह के निधन के बाद उनका पालन-पोषण गुरु गोविंद सिंह जी की धर्मपत्नी माता सुंदरी जी की देखरेख में दिल्ली में हुआ। वहां उन्होंने शस्त्र विद्या के साथ-साथ अरबी, फारसी और धर्मग्रंथों का ज्ञान प्राप्त किया। 1748 में बैसाखी के दिन उन्हें *'दल खालसा'* का सर्वोच्च सैन्य कमांडर नियुक्त किया गया। सभा के प्रधान नरेंद्र वालिया ने कहा कि जस्सा सिंह जी की वीरता के कारण ही सिख समुदाय ने उन्हें सुल्तान-उल-कौम की उपाधि दी। उन्होंने 1761 में अहमद शाह अब्दाली को हराकर लाहौर पर विजय प्राप्त की और सिखों के सिक्के जारी किए। यही नहीं, 1762 के 'वड्डा घल्लूघारा' (नरसंहार) के दौरान उन्होंने अद्भुत साहस दिखाते हुए सिख कौम का नेतृत्व किया और 1772 में कपूरथला राज्य की स्थापना की। उप प्रधान अशोक रोशा ने उनके मानवीय पक्ष को याद करते हुए बताया कि उन्होंने अहमद शाह अब्दाली के चंगुल से 2200 कन्याओं को मुक्त कराकर उनके घर पहुँचाया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि श्री हरिमंदिर साहिब के पुनर्निर्माण में जस्सा सिंह जी का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने समाज को संदेश दिया कि युवाओं को सेवा क्षेत्र, अस्पतालों और धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए,  वैवाहिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए समाज के प्रबुद्ध लोगों को आगे आना चाहिए, सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ें, क्योंकि समाज के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।