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पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना अब पूरे पंजाब में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। हर दिन 1100 से ज्यादा बुजुर्ग श्रद्धालु आरामदायक और अच्छे इंतज़ामों के साथ पवित्र स्थलों की यात्रा कर रहे हैं। लोगों की ज़रूरतों और भावनाओं को समझते हुए काम करने के संदर्भ में यह पहल सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस संबंधी अधिक जानकारी देते हुए राजस्व मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की सफ़लता के पीछे पुख्ता प्लानिंग और बढ़िया मैनेजमेंट है। राज्यभर में 95 डीलक्स एसी बसें चलाई जा रही हैं, जो 50 साल या इससे ऊपर के श्रद्धालुओं को उनके घर के पास से ही लेकर निकलती हैं; चाहे गांव हो, कस्बा हो या शहर और श्रद्धालुओं को बिना किसी झंझट के सीधा तीर्थ स्थलों तक पहुंचाया जाता है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को श्री अमृतसर साहिब में श्री हरिमंदिर साहिब के दर्शन करवाए जाते हैं। इसके साथ दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, जलियांवाला बाग और पार्टिशन म्यूजियम जैसे अहम स्थानों पर भी ले जाया जाता है। अमृतसर से कई जत्थे श्री आनंदपुर साहिब तक जाते हैं, जहां विरासत-ए-खालसा जैसे ऐतिहासिक स्थल देखने को मिलते हैं। यानी आस्था के साथ-साथ इतिहास से भी जुड़ने का मौका मिलता है। श्री आनंदपुर साहिब में बनाई गई टेंट सिटी इस योजना की खास पहचान बन चुकी है। यहां एक साथ करीब 700 श्रद्धालुओं के ठहरने का इंतज़ाम है। हर टेंट में अटैचड बाथरूम है, साफ-सुथरे कॉमन एरिया में कीर्तन और ध्यान के लिए अलग जगह है और खाने के लिए बढ़िया डाइनिंग हॉल भी है। गर्मियों में राहत देने के लिए पूरी टेंट सिटी को एयर-कंडीशंड रखा गया है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान पीने का साफ पानी, हल्का नाश्ता, तीनों वक्त का भोजन और ठहरने की पूरी व्यवस्था सरकार मुफ्त देती है। मतलब, पैसे की वजह से कोई भी अपनी श्रद्धा से दूर न रह जाए। राजस्व मंत्री ने बताया कि इसके अलावा करीब 900 वालंटियर्स पूरे समय श्रद्धालुओं के साथ रहते हैं। रास्ता दिखाने से लेकर हर छोटी-बड़ी मदद तक, हर बुजुर्ग का ख्याल रखा जाता है, जैसे अपने घर का कोई बड़ा हो। उन्होंने बताया कि योजना का सुचारू संचालन दिखाता है कि इसे कितनी सोच-समझकर बनाया गया है। पंजाब भर से लोग इस पहल की सराहना कर रहे हैं, क्योंकि अब उनकी बरसों पुरानी इच्छा सच हो रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि सेवा और सम्मान का एहसास है जो हज़ारों बुजुर्गों के जीवन में संतोष, आस्था और खुशी लेकर आ रही है।