हरियाणा निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को पंचकूला से चुनावी बिगुल फूंकते हुए अपना ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भाजपा प्रदेश कार्यालय पंचकमल में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी का विजन दस्तावेज जारी किया और निकाय चुनाव में जीत का दावा किया।
इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली, संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा, कैबिनेट मंत्री एवं पंचकूला निकाय चुनाव प्रभारी विपुल गोयल, सह प्रभारी कंवरपाल गुर्जर, मंत्री कृष्णलाल पंवार, मंत्री रणबीर गंगवा, राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, कालका विधायक शक्तिरानी शर्मा, पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता और पंचकूला मेयर उम्मीदवार श्यामलाल बंसल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जिलों से आए 50 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन थामा। मुख्यमंत्री नायब सैनी और प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत किया। इनमें पूर्व मंत्री राजकुमार बाल्मीकि, हिसार से जयसिंह बिश्नोई, गुरुग्राम से जगदीश मांडोली, रेवाड़ी से सुरेंद्र मड़िया, अनिल यादव सरपंच, पवन यादव और कैथल से अनिल सहित कई प्रमुख नाम शामिल रहे।
उधर, पंचायत उपचुनावों की तस्वीर भी लगभग साफ हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार एक जिला परिषद सदस्य, छह सरपंच और 275 पंच सहित कुल 290 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। वहीं, 10 मई को जिला परिषद की एक सीट, पंचायत समिति की चार, सरपंच की 24 और पंच की 28 सीटों पर मतदान कराया जाएगा।
पंचायत समिति की 12 सीटों में से 8 पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए, जबकि 4 पर चुनाव होंगे। सरपंच पद की 32 सीटों में 6 निर्विरोध रहीं, 24 पर मतदान होगा और 2 सीटों पर कोई नामांकन नहीं हुआ। पंच पद पर 542 सीटों में 275 निर्विरोध, 28 पर चुनाव और 239 सीटों पर नामांकन नहीं हुआ।
जिला स्तर पर हिसार में सबसे अधिक हलचल देखने को मिली, जबकि पंचकूला में 23 पंच सीटों में से केवल 1 सीट पर निर्विरोध चुनाव हुआ और 22 सीटों पर नामांकन ही नहीं हुआ।
वहीं, निकाय चुनाव में अंबाला, सांपला, सोनीपत और पंचकूला में कई उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लिए हैं। सोनीपत नगर निगम में मेयर पद के लिए अब 9 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि पार्षद पद के लिए 79 प्रत्याशी चुनावी मुकाबले में बचे हैं।
भाजपा ने संकल्प पत्र के जरिए विकास, स्वच्छता, पारदर्शी प्रशासन और नागरिक सुविधाओं को चुनावी एजेंडा बनाते हुए निकाय चुनाव में जनता से समर्थन मांगा है।