Uturn Time
Breaking
Ludhiana: नगर निगम कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन Amritsar: अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास फिर मिला संदिग्ध कैमरा, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप Jalandhar: PM मोदी के स्वागत की तैयारी तेज, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने लिया इंतजामों का जायजा Amritsar: बब्बर खालसा इंटरनेशनल नेटवर्क पर शिकंजा,हथियारों और विस्फोटकों की खेप बरामद, सीआई ने तीन तस्करों को दबोचा New Delhi: भारत ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का किया सफल परीक्षण, 60 किमी दूर लक्ष्य पर साधा सटीक निशाना Dehradun: उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर का बनाया रिकॉर्ड Jalandhar: PM मोदी के कार्यक्रम से पहले जालंधर कैंट स्टेशन की तैयारियों का निरीक्षण, रवनीत बिट्टू ने परखी व्यवस्थाएं रेलवे क्वार्टर से मिली टेक्नीशियन की लाश, बदबू आने पर पता चला इनीशिएटर्स ऑफ चेंज के नेतृत्व में सतलुज फिल्म की बहाली को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन सेंसेक्स 1,677 अंक गिरा, गिरावट के तीन मुख्य कारण निकलकर आए सामने जगतार सिंह को मिला प्रमोशन, जॉइंट सीपी ने इंस्पेक्टर पद पर किया पदोन्नत लुधियाना में राजस्व पटवार यूनियन की बैठक, जालंधर में प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान
Logo
Uturn Time
पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा शिक्षा के 'दिल्ली मॉडल' और 'शिक्षा क्रांति' के बड़े-बड़े दावों पर भाजपा ने कड़ा प्रहार किया है। भाजपा के जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र शर्मा ने जगरांव के एक सरकारी स्कूल की बदहाली का हवाला देते हुए कहा कि सरकार पुराने स्कूलों को केवल रंग-रोगन कर अपनी पीठ थपथपा रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट और चिंताजनक है। ​धर्मशाला में चल रहा है सरकारी स्कूल:-​डॉ. शर्मा ने बताया कि जगरांव की पुरानी दाना मंडी स्थित मंदिर वाली धर्मशाला में पिछले एक साल से एक सरकारी प्राइमरी स्कूल चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग के पास करीब 160 गरीब बच्चों को शिक्षा देने के लिए अपनी कोई जगह तक नहीं है। यह स्कूल पूरी तरह से जगरांव आढ़तिया एसोसिएशन के रहमो-करम पर निर्भर है। ​118 साल पुराने ऐतिहासिक स्कूल की अनदेखी ​भाजपा नेताओं ने इतिहास का हवाला देते हुए बताया: ​यह स्कूल वर्ष 1906 से पुरानी दाना मंडी के नेहरू मार्केट वाले गेट के ऊपर एक कमरे में चल रहा था। ​इमारत जर्जर होने के कारण समाजसेवियों ने एसडीएम को खतरे से आगाह किया था। ​हादसे के डर से एक साल पहले स्कूल को दो महीने के लिए अस्थायी रूप से धर्मशाला में शिफ्ट किया गया था। ​विडंबना: दो महीने का वादा एक साल में बदल गया, लेकिन शिक्षा विभाग ने नई जगह या इमारत के लिए कोई प्रयास नहीं किया। ​स्टाफ की कमी और चुनावी ड्यूटियों की मार ​स्कूल के दौरे के दौरान भाजपा नेताओं ने पाया कि कागजों में यहाँ 7 अध्यापक तैनात हैं, लेकिन: ​2 अध्यापक बीएलओ (BLO) ड्यूटी पर हैं। ​4 अध्यापकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगी है। ​मात्र एक-दो शिक्षकों के भरोसे ही पूरा स्कूल और 160 बच्चों का भविष्य टिका है। ​सरकार पर तीखा हमला:-​डॉ. राजेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को घेरते हुए कहा कि विज्ञापनों और 'शिक्षा क्रांति' के झूठे प्रचार पर करोड़ों खर्च करने के बजाय सरकार को बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला एसडीएम और स्थानीय विधायक के संज्ञान में होने के बावजूद सरकार गहरी नींद सो रही है। ​"पुराने स्कूलों पर नया पेंट फेरने से शिक्षा का स्तर ऊँचा नहीं होता। अगर सरकार वाकई गंभीर है, तो इन 160 बच्चों को धर्मशाला से निकालकर एक सुरक्षित और स्थायी स्कूल की इमारत मुहैया करवाए।"-डॉ. शर्मा, जिला अध्यक्ष, भाजपा। ​इस अवसर पर उनके साथ मंडल अध्यक्ष नवनीत गुप्ता शिशु, महासचिव गौरव गुप्ता और सौरभ गर्ग सहित अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित थे।