विद्यार्थियों के भाषाई कौशल को निखारने और उनमें प्रतिस्पर्धात्मक भावना जगाने के उद्देश्य से जी.एच.जी अकैडमी, जगरांव के प्रांगण में एक भव्य 'स्पेल बी' (Spell Bee) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल अक्षरों का खेल नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के ज्ञान, एकाग्रता और आत्मविश्वास का एक शानदार उत्सव साबित हुआ।
तीन चरणों में परखी गई प्रतिभा
प्रतियोगिता को और अधिक चुनौतीपूर्ण और रोचक बनाने के लिए इसे तीन विशेष चरणों में विभाजित किया गया था:
प्रथम चरण (श्रुतिलेख): शिक्षक द्वारा उच्चारित कठिन शब्दों की सटीक वर्तनी (Spelling) लिखकर विद्यार्थियों ने अपनी सुनने की क्षमता और स्मरण शक्ति का परिचय दिया।
द्वितीय चरण (शब्द पहेली): इस राउंड में विद्यार्थियों ने 'जंबल्ड वर्ड्स' (उलझे हुए शब्द) को सुलझाया। इसने बच्चों की तार्किक क्षमता और त्वरित निर्णय लेने के कौशल को बखूबी दर्शाया।
तृतीय चरण (रचनात्मक लेखन): अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने दिए गए शब्दों का प्रयोग कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाए, जहाँ उनकी रचनात्मकता और व्याकरण पर पकड़ देखने को मिली।
सर्वांगीण विकास पर ज़ोर
इस प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों का उत्साह और अनुशासन रहा।
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य रटंत विद्या से हटकर विद्यार्थियों के शब्दकोश (Vocabulary), प्रतिक्रिया समय (Response Time) और भाषाई शुद्धता में सुधार करना है।
सफलतापूर्वक समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई। प्रतियोगिता ने न केवल बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि उन्हें भविष्य में भाषा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित भी किया।
अंततः, तालियों की गड़गड़ाहट के बीच इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
"शब्द ही वह नींव हैं, जिस पर ज्ञान की इमारत खड़ी होती है। जी.एच.जी अकैडमी का यह प्रयास बच्चों को उसी नींव को मजबूत करने का अवसर देता है।"